पांवटा उपमंडल में हाल ही में 10 साल की लड़की के साथ पेश आए दुष्कर्म मामले में जिंदगी रिर्टन संस्था ने जनसहयोग से परिवार की मदद का बीड़ा उठाया है। नाहन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पदाधिकारी संजीव शर्मा और प्रदीप चौहान ने बताया कि पीड़िता के परिवार की हालत बहुत दयनीय है। लड़की की मानसिक स्थिति भी सही नहीं है। उसे बेहतर काउंसलिंग की जरूरत है। परिवार इतना गरीब है कि खाने और रहने तक की सुविधा तक नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था परिवार के निरंतर संपर्क में है। परिवार को किसी ने एक छोटा सा कमरा रहने के लिए उपलब्ध करवाया है। उन्होंने कहा कि संस्था ने जनसहयोग से उनके लिए घर बनाने का निर्णय लिया है। कई लोग इसके लिए आगे भी आए हैं। किसी ने सीमेंट देने की बात कही है तो कोई ईंट देने की बात कर रहा है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि परिवार की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर नहीं की जा सकती है। ऐसे में वह सहयोग देने के लिए संस्था से संपर्क कर सकते हैं। संस्था के पदाधिकारियों ने मामले में पीड़िता को वकील उपलब्ध करवाने और काउंसलिंग के लिए सभी साधन मुहैया करवाने की भी बात कही। इससे पूर्व संजीव शर्मा ने कहा कि वह पहले भी कई लोगों की जिंदगी बचाने के लिए काम कर चुके हैं। इसमें कैंसर पीड़ितों को 21 हजार, एक लाख रुपये, 51 हजार रुपये की राशि देने के अलावा अन्य लोगों को की मदद भी शामिल है।