किसान सभा जिला सिरमौर कमेटी की बैठक सोमवार को नाहन में हुई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंघा ने की। इसमें किसानों की मौजूदा समस्याओं, प्रदेश में किसान आंदोलन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में 26 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन और अक्तूबर में रामपुर में होने वाले किसान सभा के अधिवेशन की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। राकेश सिंघा ने कहा कि देश में खेती पहले ही किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुकी है। उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आय और कृषि की लागत को ध्यान में रखते हुए ठोस नीतियां बनानी चाहिए। सिंघा ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और ट्रेड डील जैसे समझौतों से देश के किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इससे खास तौर पर दूध और फल उत्पादक किसानों के प्रभावित होने की आशंका है। विदेशी उत्पादों की आमद बढ़ने पर स्थानीय किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में परेशानी होगी। वहीं, अक्तूबर में रामपुर में होने वाले अधिवेशन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक में किसान सभा के राजेंद्र ठाकुर, धनीराम शर्मा सहित जिला कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।