आपदा की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से राहत पैकेज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। नाहन के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश लगातार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुआ है। हजारों करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और हजारों परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने हिमाचल को अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं दी। अजय सोलंकी ने कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हिमाचल आए थे और 1500 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घोषणा के बावजूद आज तक प्रदेश को न तो राहत पैकेज मिला और न ही घोषित राशि के अनुरूप सहायता उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल के लोग आपदा से जूझ रहे थे, तब की गई बड़ी-बड़ी घोषणाओं का लाभ जमीन पर क्यों नहीं पहुंचा। विधायक ने केंद्र सरकार पर हिमाचल को मिलने वाली आरडीजी बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सोलंकी के अनुसार, इसका सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों और आम जनता के हितों पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र की ओर से संचालित अन्य योजनाओं के बजट में कटौती किए जाने का आरोप भी लगाया। सोलंकी ने कहा कि आर्थिक दबाव के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हिम्मत नहीं हार रहे हैं। प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है और सीमित संसाधनों के बीच विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इस दौरान जिला सिरमौर कांग्रेस प्रभारी धर्मेंद्र धामी ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। साथ ही केंद्र की नीतियों से हिमाचल को हुए कथित नुकसान का मुद्दा भी जनता के बीच उठाया जाएगा। धामी ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती के दम पर वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार दोबारा सत्ता में लौटेगी।