बरसात अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई, लेकिन एनएच-03 जालंधर-मंडी-अटारी वाया धर्मपुर-कोटली सड़क निर्माण के दौरान बनाई गई सुरक्षा दीवारों के गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़क कटिंग के दौरान बनाई गई सुरक्षा दीवारें ढह गई हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच करवाने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी प्रताप सिंह, रमेश चंद, बाबूलाल, राकेश कुमार और सुनील कुमार ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री और अपनाई जा रही तकनीक की गुणवत्ता की जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान लोगों के घरों और निजी जमीन को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं। इनमें से कुछ दीवारें कम बारिश के बाद ही गिर गईं। ग्रामीणों के अनुसार इन सुरक्षा दीवारों का उद्देश्य सड़क की कटिंग से होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकना और नीचे स्थित घरों तथा कृषि भूमि को सुरक्षित रखना है। ऐसे में यदि दीवारों का निर्माण मजबूत तरीके से नहीं किया गया तो बरसात बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। भारी बारिश के दौरान मिट्टी और मलबा खिसकने से घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया गया होता तो कम बारिश में ही सुरक्षा दीवारों के ढहने की स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में निर्माण गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल ने निर्माण कंपनी को क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की तत्काल मरम्मत करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने को कहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से एनएच निर्माण कार्य तथा सुरक्षा दीवारों की तकनीकी जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच से निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और भविष्य में किसी बड़े नुकसान से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।