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चंबा: सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर उठाए जाएंगे कदम

चंबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और जिला प्रशासन चंबा के संयुक्त तत्वावधान में शून्य दुर्घटना दिवस की ओर पहल शुरू की गई है। परिवहन निदेशक नीरज कुमार ने बुधवार को बचत भवन चंबा में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नीरज कुमार ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का प्रभावी उपयोग जरूरी है। स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी विभागों और आमजन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यह पहल आगामी दो माह तक पूरे जिले में लागू की जाएगी। इसके तहत दुर्घटनाओं के आंकड़ों और जमीनी परिस्थितियों का विश्लेषण कर संवेदनशील सड़क खंड चिह्नित किए जाएंगे। इसके बाद कम लागत वाले इंजीनियरिंग सुधारों और तकनीकी उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार कर दुर्घटना संभावित स्थलों पर जरूरी सुधार करवाएगा। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने यातायात नियमों के पालन, जागरूकता और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बताया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि तीखे मोड़, कम दृश्यता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में लगने वाला समय पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की प्रमुख चुनौतियां हैं। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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