बिलासपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़क, रेल संपर्क और अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, रेल, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक निवेश कर रही है। राज्य सरकार को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और स्वीकृत राशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। नड्डा ने बताया कि हिमाचल में 25 राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क 2,592 किलोमीटर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजनाओं में कुल 55,103 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कीरतपुर-मनाली, पठानकोट-मंडी, परवाणू-शिमला और शिमला-मटौर जैसे प्रमुख सड़क कॉरिडोर की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 12,939 करोड़ रुपये की कीरतपुर-मनाली परियोजना के कई खंड पूरे हो चुके हैं, जबकि पंडोह-टकोली खंड को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परवाणू-सोलन-शिमला परियोजना के सोलन-कैथलीघाट खंड को सितंबर 2027 और शिमला बाईपास को सितंबर 2028 तक पूरा करने की योजना है। वहीं, पठानकोट-मंडी कॉरिडोर के विभिन्न पैकेजों को 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नड्डा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण की नौ लंबित सड़कों को मार्च 2027 तक पूरा करने पर भी जोर दिया। प्रेस वार्ता में ब्यास नदी में ड्रेजिंग की अनुमति और भुभु जोत सुरंग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य में बेहतर सड़क संपर्क से मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने, किसानों-बागवानों को उपज बाजार तक पहुंचाने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय जरूरी है।