गांधी जयंती के अवसर पर बिलासपुर जिले के घुमारवीं में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय सीर उत्सव का शानदार आगाज हुआ। उत्सव की शुरुआत ‘रन फॉर जेंडर इक्वालिटी’ थीम पर आयोजित मैराथन से हुई। सीरखड्ड पुल से बाड़ी मझेड़वां तक आयोजित इस मैराथन में सुबह से ही लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। करीब 1200 लोग आयोजन स्थल पर पहुंचे, जबकि विभिन्न आयु वर्गों में लगभग 700 प्रतिभागियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। मैराथन केवल दौड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश भी दिया गया। प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे से ही प्रतिभागियों का पहुंचना शुरू हो गया था। आयोजन में अलग-अलग आयु वर्गों के लिए अलग दूरी निर्धारित की गई थी। अंडर-14 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए तीन किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। वहीं अन्य आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने छह किलोमीटर की दौड़ पूरी की। आयोजन में युवाओं के साथ बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिभागी के तौर पर दौड़ पूरी की। उन्होंने कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधियों को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से सीरखड्ड को स्वच्छ रखने के साथ-साथ जलस्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को स्वस्थ रहने के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैराथन के समापन पर विभिन्न वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मंत्री राजेश धर्माणी ने विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में एसडीएम अभिषेक बरवाल, तहसीलदार बबीता, थाना प्रभारी मस्तराम, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सीर उत्सव के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। मैराथन के जरिए खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया गया।