आहुलाना गांव के राजकीय स्कूल में कुश्ती नर्सरी भविष्य के रेसलर तैयार कर रही है। नर्सरी में शहर और आसपास के गांव के 35 खिलाड़ी कुश्ती के गुर सिख रहे हैं। नर्सरी के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर स्कूल से लेकर नेशनल स्तर तक पदक भी जीते हैं। ग्रामीण एरिया में बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए सरकार ने खेल नर्सरियां आवंटित की हुई है। आहुलाना गांव में स्थित राजकीय स्कूल में कुश्ती नर्सरी आवंटित हुई है। कुश्ती नर्सरी आवंटित होने के बाद से ही गांव के बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ गई है। नर्सरी में गांव के साथ-साथ बरोदा और गोहाना के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण लेने आ रहे हैं। नर्सरी के खिलाड़ी वंश ने अंडर 17 आयु वर्ग में नेशनल स्तर पर सिल्वर पदक जीता है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर कैलाश ने 40 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर तथा विद्या भारती स्कूल नेशनल खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ी बादल ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर तथा वंश ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। ग्रामीणों ने उपलब्ध करवाया नर्सरी में खेल का सामान खेल नर्सरी में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए मिट्टी का अखाड़ा, मेट और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध है। नर्सरी में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए सामान की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा की गई है। नर्सरी के खिलाड़ियों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा और सामान उपलब्ध करवाया जाए तो खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे वे देश के लिए पदक जीत सकेंगे। कुश्ती के प्रति बढ़ा है बच्चों का रुझान गांव के राजकीय स्कूल में कुश्ती नर्सरी आवंटित हुई है। नर्सरी में प्रतिदिन 35 खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। बच्चों को कुश्ती का बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वह पदक जीत रहे हैं। नवीन श्योराण, कोच, कुश्ती नर्सरी, आहुलाना