सोनीपत। भारतीय किसान पंचायत की मासिक बैठक बुधवार को लघु सचिवालय में रामकवार भठगांव की अध्यक्षता में हुई।इयमें किसानों, खेत मजदूरों और आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने उपायुक्त नेहा सिंह को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपकर मांगों के समाधान की मांग की। वजीर सिंह ने कहा कि सरकार आमजन को विभिन्न मुद्दों में उलझाए रखने के बजाय उनकी मूल समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे उठाए। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड की नकलों की फीस बढ़ने का विरोध करते हुए कहा कि जब रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है तो ऐसी सरल वेबसाइट बनाई जानी चाहिए, जहां लोग अपने दस्तावेज देख सकें और जरूरत के पेज की निर्धारित फीस जमा कर सत्यापित प्रति प्राप्त कर सकें। जगबीर सिंह ने राजस्व रिकॉर्ड को हिंदी में रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हरियाणा बनने के बाद राजस्व रिकॉर्ड को उर्दू से हिंदी में किया गया था और हिंदी आमजन के लिए आसानी से समझ में आने वाली भाषा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब रिकॉर्ड को अंग्रेजी में किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को दस्तावेज समझने में परेशानी होगी। उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान भत्ते और दिव्यांगों के भत्ते से जुड़ी परेशानियों का भी समाधान करने की मांग की। किसानों की प्रमुख मांगें किसानों ने एमएसपी पर पूरी फसल खरीद की गारंटी, किसानों और खेत मजदूरों का पूरा कर्ज माफ करने, चीनी मिल की मरम्मत समय रहते पूरी कराने व मिल दो घंटे से अधिक बंद रहने पर किसानों की गन्ने से भरी ट्रॉलियों को चैन के पास खाली कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा जाजी से सिवानी जाने वाली बड़ी बिजली लाइन के मुद्दे पर गांव गुहणा में चल रहे धरने का समर्थन किया गया। वक्ताओं ने प्रशासन से धरनारत लोगों के साथ शांतिपूर्ण बात कर समस्या का समाधान कराने की मांग की। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने किसानों, खेत मजदूरों और विभिन्न संगठनों से 10 सितंबर को पेहवा, अनाज मंडी में होने वाली पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। बैठक में मास्टर नफे सिंह, प्रदीप, कृष्ण, सुखबीर, नफे सिंह ठरू, महेंद्र सिंह, जगबीर सिंह व नरेश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।