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पुराने ट्रक-बस बदलकर खरीदें नए वाहन, 10 साल तक टैक्स छूट; ई-वाहनों पर 2.56 लाख तक प्रोत्साहन

रेवाड़ी। पुराने व्यावसायिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की परिवर्तन योजना के तहत वाहन मालिकों को पुराने ट्रक और बस बदलकर नए वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के सचिव विकास कौशिक ने मंगलवार को अपने कार्यालय में वाहन चालकों और अधिकारियों के साथ बैठक कर वाहन मालिकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। विकास कौशिक ने कहा कि बीएस-एक और इससे पहले के मानकों वाले पुराने ट्रक और बसों को बदलकर नए बीएस-छह मानक वाले या बिजली से चलने वाले वाहन अपनाने चाहिए। इससे पुराने वाहनों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही वाहन मालिकों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों की जगह कम प्रदूषण फैलाने वाले आधुनिक वाहनों को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। 10 साल तक कर में छूट का प्रावधान विकास कौशिक ने बताया कि परिवर्तन योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को कई तरह की आर्थिक रियायतें और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। योजना में 10 साल तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक छूट और पंजीकरण शुल्क में भी 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके अलावा एक साल से पुरानी देनदारी में भी छूट दी जा सकती है। वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से नए वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान भी बताया गया है। हर महीने ईंधन वाउचर और ब्याज में राहत योजना के तहत वाहन मालिकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ हर महीने 1200 से 4800 रुपए तक के ईंधन वाउचर का लाभ मिल सकता है। वहीं, बिजली से चलने वाले वाहनों को अपनाने पर 64 हजार रुपए से लेकर 2.56 लाख रुपए तक एकमुश्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इन सुविधाओं का उद्देश्य पुराने वाहनों को बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना और वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। जागरूकता कार्यक्रमों से दी जा रही जानकारी आरटीए सचिव ने बताया कि जिले में वाहन मालिकों को योजना के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में योजना के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बीएस-एक, बीएस-दो, बीएस-तीन और बीएस-चार श्रेणी के पुराने ट्रक व बसों के मालिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों को नए बीएस-छह या बिजली से चलने वाले वाहनों से बदलने पर विचार करें। उन्होंने कहा कि योजना की शर्तों, पात्रता और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए वाहन मालिक संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक वाहन मालिकों तक योजना की जानकारी पहुंचे और स्वच्छ, सुरक्षित व आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिले।

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