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कैथल: नशे की कमाई से खड़ा मकान प्रशासन ने बुलडोजर से ढहाया

कैथल। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने तितरम में नशा तस्करी के आरोपी अनिल के मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार पंचायती जमीन पर करीब 250 गज में बिना वैध अनुमति के मकान बनाया गया था। मकान एक मंजिला था। तीन से ज्यादा कमरे बनाए हुए थे। आरोपी को नोटिस जारी कर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से मकान को गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। 2006 से नशा तस्करी में संलिप्त पुलिस के अनुसार अनिल के खिलाफ नशा तस्करी और शराब तस्करी से संबंधित आठ प्राथमिकी दर्ज हैं और वह आठ बार जेल जा चुका है। पुलिस के मुताबिक वह वर्ष 2006 से नशा तस्करी में संलिप्त रहा है। पहला मामला 15 सितंबर 2011 को थाना तितरम में दर्ज हुआ। इसके बाद 2012 और 12 अक्तूबर 2016 को थाना शहर में नशा तस्करी के मामले दर्ज हुए। 11 अक्तूबर 2017 को थाना कलायत में मामला दर्ज हुआ। पांच मई 2018 और नौ अप्रैल 2019 को थाना तितरम में प्राथमिकी दर्ज हुई। एक जुलाई 2024 को थाना तितरम में नशा तस्करी का मामला दर्ज हुआ। वहीं तीन फरवरी 2026 को थाना सदर में शराब तस्करी की प्राथमिकी दर्ज हुई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुई कार्रवाई मकान गिराने की कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं ईओ नगर परिषद कैथल संदीप सोलंकी की निगरानी में की गई। मौके पर थाना तितरम प्रभारी इंस्पेक्टर वेदपाल सहित प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से मकान को ध्वस्त किया। डीएसपी रोहताश ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अपराध और नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में तितरम निवासी अनिल के मकान को चिन्हित किया गया था। जांच के बाद मकान का निर्माण बिना वैध अनुमति का पाया गया। नोटिस देने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की। किसी भी नशा तस्कर को छोड़ा नहीं जाएगा। जुलाई में सिरटा रोड पर तीन मकानों पर चला था बुलडोजर कैथल में नशा तस्करी से जुड़े लोगों के मकान गिराने की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 28 जुलाई 2026 को सिरटा रोड पर एक साथ तीन मकानों को ध्वस्त किया गया था। ये मकान गुरमुख उर्फ काला सुखदेव उर्फ सुखा और बलराज से संबंधित बताए गए थे। पुलिस के अनुसार गुरमुख के खिलाफ कैथल रेवाड़ी और पटियाला में नशा तस्करी से जुड़े करीब 10 मामले दर्ज थे। सुखदेव पर कैथल और नरवाना में नशे से जुड़े दो मामले बताए गए थे। वहीं बलराज के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी थी। 2022 में दाबनखेड़ी में हुई थी शुरुआती बड़ी कार्रवाई इससे पहले 19 अक्तूबर 2022 को गांव दाबनखेड़ी में नशा तस्करी से जुड़े सेवा सिंह और साहब सिंह के मकान व पशुबाड़े को ध्वस्त किया गया था। प्रशासन के अनुसार इन निर्माणों को नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाए जाने की बात सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया था और स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था। यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी से जुड़े लोगों के निर्माण गिराने की शुरुआती बड़ी कार्रवाई में शामिल रही थी।

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