जींद। पटवारियों की हड़ताल के कारण जिले में जमीन और राजस्व से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से 125 से ज्यादा पटवारियों को नोटिस जारी कर काम पर लौटने का दबाव बनाया गया है, लेकिन इसके बावजूद पटवारियों की हड़ताल वीरवार को भी जारी रही। इससे प्रतिदिन तहसीलों और पटवार भवनों में काम कराने पहुंच रहे लोगों को बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ रहा है। जिले की सभी तहसीलों में प्रतिदिन करीब एक हजार लोग अलग-अलग राजस्व कार्यों को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें इंतकाल, जमाबंदी, गिरदावरी, आय-जाति संबंधी दस्तावेज और जमीन से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं। हड़ताल के कारण लोगों को कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासन ने हड़ताल को खत्म करवाने के लिए सख्ती बरतते हुए 125 से अधिक पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें ट्रेनी पटवारियों और 50 वर्ष से अधिक आयु के पटवारियों को उनकी सेवा संबंधी प्रावधानों का हवाला देते हुए काम पर लौटने का दबाव बनाया गया। इसके बावजूद पटवारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। वीरवार को जींद पटवार भवन में 100 से अधिक लोग अपने जरूरी काम लेकर पहुंचे, लेकिन पटवारियों के हड़ताल पर होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बाक्स काम कराने पहुंचे, खाली हाथ लौटे गांव पिंडारा निवासी सुरेश कुमार जमीन के इंतकाल का काम कराने पहुंचे थे, लेकिन पटवारी के नहीं मिलने से उनका काम नहीं हो सका। रामफल निवासी रधाना जमाबंदी की प्रति में संशोधन कराने आए थे। उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। नरेश कुमार निवासी वार्ड तीन जमीन की फर्द के लिए आए थे, लेकिन हड़ताल के चलते काम नहीं हुआ। सुमित निवासी खोखरी आय प्रमाणपत्र से संबंधित राजस्व सत्यापन कराने आए थे, जबकि नरेश निवासी हैबतपुर जमीन के इंतकाल के काम से पहुंचे थे। इस सभी को बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा।