जींद। विवेकानंद नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज की मुख्य शाखा में रक्षाबंधन का पावन पर्व आध्यात्मिक उल्लास, उमंग और भाईचारे की भावना के साथ मनाया गया। सब-सेंटर्स की ओर से आशा बहन, किरण बहन और वंदना बहन शामिल हुई। कार्यक्रम के दौरान सभी भाई-बहनों ने सर्कल इंचार्ज बीके विजय दीदी से प्रेम, पवित्रता और आत्मिक भाईचारे के प्रतीक रक्षा सूत्र बंधवाए। इस दौरान वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया। रक्षा सूत्र बंधवाते हुए भाई-बहनों ने स्वयं को बुराइयों से दूर रखने और श्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प लिया। विजय दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा रक्षाबंधन केवल कलाई पर धागा बांधने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य स्वयं को बुराइयों, विकारों और नकारात्मक संस्कारों से मुक्त कर परमात्मा की श्रीमत पर चलने का संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब अपने विचारों और कर्मों में पवित्रता को धारण करता है, तभी उसका जीवन सही मायने में श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने कहा कि पवित्रता ही जीवन की वास्तविक शक्ति है। श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने से व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति आती है तथा इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। आज आवश्यकता है कि पर्वों को केवल परंपरा के रूप में मनाने के बजाय उनके आध्यात्मिक संदेश को जीवन में उतारा जाए। बीके विजय भाई ने उपस्थित भाई-बहनों को परमात्मा द्वारा दिए गए दिव्य वरदानों और शुभ संकल्पों से भरपूर किया। कार्यक्रम में प्रेम, आत्मिक स्नेह और भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला। अंत में सभी भाई-बहनों ने रक्षाबंधन पर्व को आत्मिक उन्नति, पवित्रता और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला पर्व बनाने का संकल्प लिया।