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झज्जर: फसल पंजीकरण में देरी पर लघु सचिवालय में किसानों का हंगामा, एसडीएम से की शिकायत

झज्जर। सरकार ने किसानों की फसल पंजीकरण दोबारा शुरू किया है, लेकिन पहले दिन ही व्यवस्था चरमरा गई। पंजीकरण का काम आनलाइन की बजाय एसडीएम स्तर पर मैनुअल प्रार्थना पत्र लेने का काम मंगलवार को लघु सचिवालय में किया गया। सुबह 8 बजे से ही किसान पंजीकरण करवाने के लिए अपने-अपने प्रार्थना पत्र लेकर लघु सचिवालय पहुंच गए थे। 9 बजे कार्यालय खुलने के बाद काम शुरू हुआ। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कमरे में ही कुछ कर्मचारियों को बैठाकर प्रार्थना पत्र लेकर पंजीकरण आनलाइन करने का काम शुरू किया गया, लेकिन दोपहर एक बजे तक चुनिंदा किसानों का पंजीकरण हो सका। इस पर किसानों का धैर्य जवाब दे गया और किसानों ने कमरे के बाहर ही हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपने जानकार के पंजीकरण पहले कर रहे हैं जबकि वह सुबह से आए हुए हैं। पंजीकरण में समय लगने पर किसान एकत्रित होकर एसडीएम रवि मीणा के पास पहुंचे। किसानों ने मांग की कि पंजीकरण के काउंटर बढ़ाए जाए। इसके अलावा सीएससी स्तर पर पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाए। इस पर एसडीएम रवि मीणा ने बताया कि सरकार ने सात दिन के लिए पंजीकरण का काम एसडीएम स्तर पर शुरू किया है। यहीं से पंजीकरण होंगे। इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीएम ने किसानों ने बताया कि फिलहाल तीन ऑपरेटर काम कर रहे थे। अब दो अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। इसके अलावा लाइन अनुसार रजिस्टर में नाम दर्ज होने के साथ ही उसका पंजीकरण किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। इसके अलावा 23 सितंबर को छुट्टी के दिन भी किसानों के पंजीकरण सरल केंद्र में किए जाएंगे। इसके लिए कर्मचारियों को बुलाया गया है। तहसील स्तर पर होगी व्यवस्था, नहीं आना होगा झज्जर एसडीएम झज्जर ने किसानों की फसलों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तहसीलदार मातनहेल, नायब तहसीलदार साल्हावास को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित किसानों की फसलों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना सुनिश्चित करें। अब वहां के किसानों को झज्जर नहीं आना होगा। एसडीएम ने कहा कि संबंधित पटवारियों, राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए फसल पंजीकरण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करवाया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान फसल पंजीकरण से वंचित न रहे।

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