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हांसी मंडी में परमल धान की बोली रद्द होने पर विवाद, किसानों ने लगाया खरीद में देरी का आरोप; यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी

हांसी की अनाज मंडी में परमल धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों और मंडी प्रशासन के बीच एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि जिस धान की ढेरी की बोली कल हांसी के विधायक विनोद भयाना की मौजूदगी में करवाई गई थी, उसी ढेरी को मंडी प्रशासन ने बाद में कैंसिल कर दिया। इसके बाद किसानों में रोष बढ़ गया और किसान यूनियन भी मंडी पहुंच गई। किसान यूनियन का कहना है कि अगर जल्द परमल धान की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। किसानों का आरोप है कि धान की खरीद सिर्फ विधायक विनोद भयाना का फोटो खिंचवाने तक सीमित है। दरअसल, कल विधायक विनोद भयाना हांसी की अनाज मंडी पहुंचे थे। इस दौरान किसानों की परमल धान की खरीद को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया था कि किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। कल से ही सरकारी खरीद का दावा किया गया था। विधायक की मौजूदगी में दो ढेरी की बोली भी करवाई गई और उसका रेट लगाया गया। लेकिन किसानों का आरोप है कि शाम होते-होते उसी दोनों ढेरी की बोली कैंसिल कर दी गई। किसानों को मंडी प्रशासन की ओर से सफाई और धान को पंखे से सुखाने जैसी वजह बताई गई। किसानों का कहना है कि वे खेत से धान को सुखाकर ही मंडी लेकर आ रहे हैं। उनका दावा है कि गांवों में किसान पहले ही पंखों के जरिए धान सुखाने की व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में नमी या सफाई का हवाला देकर खरीद रोकना किसानों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम है। किसानों ने सवाल उठाया कि अगर धान में कोई कमी थी तो कल विधायक की मौजूदगी में बोली कैसे लगाई गई और रेट कैसे तय किया गया? किसानों का आरोप है कि बार-बार प्रक्रिया में बदलाव से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और मंडी में फसल लेकर खड़े किसानों की परेशानी बढ़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान यूनियन के पदाधिकारी भी हांसी अनाज मंडी पहुंचे और उन्होंने प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज करवाया। किसान नेता नसीब ने कहा कि किसानों को अब और परेशान नहीं किया जाना चाहिए। अगर जल्द परमल धान की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। किसान यूनियन नेता दशरथ मलिक का कहना है कि सरकार और प्रशासन को मौके पर आकर साफ करना चाहिए कि आखिर किस वजह से कल लगाई गई बोली को कैंसिल किया गया। किसानों ने विधायक विनोद भयाना से भी मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और यह सुनिश्चित करवाएं कि मंडी में पहुंची किसानों की फसल की खरीद जल्द हो। वहीं हरियाणा मंडी एसोसिएशन के स्टेट प्रधान रामावतार तायल ने परमल धान की ढेरी की बोली कैंसिल किए जाने को गलत बताया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों को परेशान न किया जाए और मंडी में पहुंची परमल धान की जल्द खरीद सुनिश्चित की जाए।उन्होंने हांसी विधायक विनोद भयाना को कहा कि कल बोली लगाकर कैंसिल की ढेरी की खरीद जल्द शुरू करवाने के लिए प्रशासन से बातचीत करें। वहीं हांसी मंडी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि धान की ढेरी में पंखा लगाकर सफाई करने की बात सामने आई थी। मंडी प्रशासन के अनुसार धान की गुणवत्ता और सफाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खरीद की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। अब देखना होगा कि किसानों के विरोध और मंडी एसोसिएशन की अपील के बाद परमल धान की खरीद को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। अब बड़ा सवाल यही है कि जब कल विधायक ने किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने का भरोसा दिया था, तो उसी ढेरी की बोली बाद में क्यों कैंसिल हुई? फिलहाल परमल धान की खरीद को लेकर किसानों का विरोध और प्रशासन के सामने चुनौती दोनों बढ़ गई हैं।

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