फतेहाबाद। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, हरियाणा के सातवें राज्य सम्मेलन के अवसर पर बार रूम फतेहाबाद में ‘वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति और न्यायपालिका की भूमिका’ विषय पर राज्यस्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और एआईएलयू नेता अशोक अग्रवाल ने कहा कि एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक और जवाबदेह न्यायपालिका ही भारतीय लोकतंत्र की असली आधारशिला है। संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और कानून के शासन की रक्षा करना अधिवक्ता समुदाय का ऐतिहासिक कर्तव्य है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए एडवोकेट अग्रवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर किए जाने संबंधी 2023 के कानून की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे कार्यपालिका का अनुचित प्रभाव बढ़ा है, जबकि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए अति अनिवार्य है। उन्होंने महिला वकीलों को दो मातृत्व अवसरों पर 5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने तथा बार एसोसिएशनों व बार काउंसिलों में दलित अधिवक्ताओं के लिए उचित आरक्षण और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आह्वान किया।