सीजन में सरकारी खरीद 13 दिन बाद भी धान की सरकारी खरीद सुचारु नहीं हो पाई है। जिले की छह मंडियों में अब तक डेढ़ लाख क्विंटल पीआर किस्म की धान आई है। एजेंसियों ने इसमें से करीब एक लाख क्विंटल धान की खरीद की है। इसमें से भी ज्यादातर मंडियों में ही ढेर लगे हुए हैं। अब बारिश होने पर किसान के साथ एजेंसियों का खरीदा धान भी भीग गया। किसान पांच से सात दिन तक मंडी में बैठे हैं। सरकार ने इस बार 30 सितंबर को पीआर धान की खरीद शुरू की थी। किसान पहले दिन ही धान लेकर आ गए थे। शुरुआत में धान में नमी के चलते खरीद नहीं हो सकी। अब धान सामान्य हुआ है तो एजेंसी खरीद के लिए आगे नहीं आ रही है। एजेंसी जो खरीद रही है उसका उठान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। पानीपत समेत मतलौडा, बाबरपुर, समालखा, इसराना व बापौली मंडी में स्थिति एक जैसी है। इसराना मंडी में पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार की मौजूदगी में 13 दिन पहले 55 क्विंटल धान की खरीद की थी। एजेंसी ने इसके बाद रविवार को 930 क्विंटल धान की खरीद की। इसका भी उठान नहीं किया गया।