कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र में रिश्तों को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली के उत्तम नगर निवासी 71 वर्षीय जुगल किशोर की चार सितंबर को एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलने पर उनकी बहन पुष्पा रानी अस्पताल पहुंचीं, लेकिन भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने से इन्कार कर दिया। उन्होंने समय नहीं होने और अपनी तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद बाबा फरीद अनाथ आश्रम की कमेटी के सदस्यों ने जुगल किशोर का पिहोवा के स्वर्ग धाम में अंतिम संस्कार किया। बाद में उनकी अस्थियां सरस्वती नदी में विसर्जित की गईं। ऐसे में यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। असल में जुगल किशोर मूल रूप से दिल्ली के उत्तम नगर के रहने वाले थे और करीब 10 साल से पिहोवा के सरस्वती तीर्थ के पास रहकर गुजर-बसर कर रहे थे। जुगल किशोर अविवाहित थे। परिवार के बारे में उनकी छोटी बहन पुष्पा रानी की जानकारी थी और वह कभी-कभार उससे मिलने दिल्ली जाते थे।