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नन्हीं मुट्ठियों में बड़े सपने, राष्ट्रीय मंच पर गाजियाबाद की बेटियों की दस्तक

Fri, 04 Sep 2026 04:27 PM IST
Vijay Singh Pundir अर्पिता राजपूत, अमर उजाला, गाजियाबाद

गाजियाबाद की बेटियां अब सिर्फ सपने देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए रिंग में उतरकर हर चुनौती का सामना कर रही हैं। कम उम्र में बॉक्सिंग का सफर शुरू करने वाली अंडर-15 महिला खिलाड़ियों ने अपने हौसले, मेहनत और जुनून के दम पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इन नन्हीं खिलाड़ियों की उपलब्धि आज शहर के लिए गर्व का विषय बन गई है।

जिस उम्र में बच्चे खेल को केवल मनोरंजन के रूप में लेते हैं, उस उम्र में इन बेटियों ने बॉक्सिंग को अपना जुनून बना लिया। बचपन से ही बॉक्सिंग रिंग में उतरने वाली इन खिलाड़ियों ने लगातार अभ्यास और कठिन मेहनत के जरिए अपनी प्रतिभा को निखारा। पसीने, थकान और कठिन मुकाबलों के बीच इनका सफर आसान नहीं रहा, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने का सपना उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा।

अब इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का दम दिखाते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। छोटी उम्र में मिली यह सफलता उनके लंबे संघर्ष और मजबूत इरादों का परिणाम है। रिंग में हर मुकाबले के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ा और आज वही आत्मविश्वास उन्हें राष्ट्रीय मंच तक ले आया है।

इन बेटियों की कहानी सिर्फ खेल में मिली सफलता की नहीं है, बल्कि उस बदलती सोच की भी है, जिसमें बेटियां हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। हाथों में बॉक्सिंग ग्लव्स और आंखों में बड़े सपने लिए ये खिलाड़ी साबित कर रही हैं कि हौसला और मेहनत हो तो उम्र कभी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

फर्श से अर्श तक पहुंचने की इन बेटियों की उड़ान अभी शुरू हुई है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अब उनका अगला मुकाबला होगा, लेकिन गाजियाबाद की इन नन्हीं बॉक्सरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि बेटियां सिर्फ सपने नहीं देखतीं, उन्हें सच करने के लिए मैदान में उतरती भी हैं। नन्हीं उम्र, बड़े सपने और अर्श को छूने का हौसला… यही हैं गाजियाबाद की बेटियां।

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