स्नैपचैट के 1.7 मिलियन यूजर्स का डाटा लीक, यहां जानें पूरा विवाद

स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल के बयान पर भारतीय यूजर्स का गुस्सा ठंडा होने का नाम ले रहा है। स्नैपचैट की रेटिंग जहां 5 स्टार से 1 स्टार पर आ गई है, वहीं इवान के बयान का खामियाजा भारतीय ई-कॉमर्स साइट स्नैपडील को भी भुगतना पड़ा रहा है। कई यूजर्स स्नैपचैट की जगह स्नैपडील को कम रेटिंग दे रहे हैं और अनइंस्टॉल कर रहे हैं। वहीं भारतीय हैकर्स ने स्नैपचैट के 1.7 मिलियन यूजर्स का डेटा लीक करने का दावा किया है।
क्या है पूरा मामला ?

अमेरिकी वेबसाइट वैराइटी में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल ने कहा था कि वे भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों में स्नैपचैट का विस्तार करना नहीं चाहेंगे, क्योंकि स्नैपचैट ऐप अमीरों के लिए है। वैराइटी में यह रिपोर्ट स्नैपचैट के पूर्व कर्मचारी एंथनी पॉम्प्लियानो के बयान पर आधारित है। एंथनी पॉम्प्लियानो ने ही दावा किया है कि 2015 में एक बैठक में भारत में स्नैपचैट के विस्तार के सवाल पर इवान ने भारत को गरीब देश बताते हुए भारत में स्नैपचैट के विस्तार से मना कर दिया था।
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विवाद पर स्नैपचैट ने क्या कहा ?

वहीं विवाद बढ़ने पर स्नैपचैट ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि इवान स्पीगल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। स्नैपचैट को बदनाम करने के लिए एंथनी पॉम्प्लियानो का नया पैंतरा है। एंथनी यह सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं, क्योंकि 2015 में उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया था। स्नैपचैट दुनिया के सभी यूजर्स के लिए है और इसे आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।