Cyber Fraud: ओटीपी बताते ही कट गए ₹2.49 लाख, बुजुर्ग के साथ हुआ खतरनाक डिलीवरी स्कैम

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 24 Dec 2025 01:34 PM IST
सार

Delivery Scam:

हैदराबाद के बंजारा हिल्स में एक 59 वर्षीय व्यक्ति को कूरियर का इंतजार करना काफी महंगा पड़ गया। ठगों ने महज 25 रुपये का री-डिलीवरी चार्ज मांगने के बहाने उनके क्रेडिट कार्ड से 2.49 लाख रुपये उड़ा लिए गए।

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OTP स्कैम - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद डिलीवरी मिलने का इंतजार हम सभी को रहता है, लेकिन अब यही ठगों का नया हथियार बन गया है। हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि जिस पार्सल का वो इंतजार कर रहे हैं, वही उनके बैंक बैलेंस में बड़ी सेंध लगा देगा।

    कैसे बुना गया ठगी का जाल?

    पीड़ित व्यक्ति पिछले दो दिनों से अपने डीएचएल (DHL) कूरियर का ट्रैक कर रहे थे। इसी बीच 2 दिसंबर की सुबह करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज में दावा किया गया कि कूरियर पहुंचाने की दो कोशिशें नाकाम रही हैं। पार्सल को दोबारा मंगाने के लिए उन्हें मात्र 25 रुपये का री-डिलीवरी चार्ज देने को कहा गया और साथ में एक लिंक भी भेजा गया।

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    पीड़ित को लगा कि शायद यह कंपनी का ही नियम होगा। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, वह एक वेबसाइट पर पहुंचे जो बिल्कुल असली कूरियर कंपनी की साइट जैसी दिख रही थी। वहां उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी गई। कार्ड डिटेल्स भरने के बाद उनके पास एक ओटीपी आया। उन्हें लगा कि यह 25 रुपये के भुगतान के लिए है, लेकिन जैसे ही उन्होंने ओटीपी डाला, उनके होश उड़ गए।

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    सेकंडों में कटे गए 2.49 लाख

    ओटीपी डालते ही उनके क्रेडिट कार्ड से 25 रुपये के बजाय 2.49 लाख रुपये कट गए। जैसे ही बैंक का मैसेज आया, पीड़ित को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक को सूचित किया और हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    इस तरह के स्कैम से संभल कर रहें

    साइबर पुलिस के मुताबिक, अपराधी जानबूझकर 10, 20 या 25 रुपये जैसे छोटे अमाउंट की मांग करते हैं। उन्हें पता है कि इतने कम पैसों के लिए कोई भी शक नहीं करेगा और आसानी से कार्ड डिटेल्स दे देगा। एक बार जब उनके पास कार्ड की जानकारी और ओटीपी आ जाता है, तो वे तुरंत बड़ा ट्रांजैक्शन कर लेते हैं। पुलिस ने बताया कि यह OTP आधारित स्कैम है। हालांकि, इस बात कि जांच की जा रही है कि स्कैमर्स को बुजुर्ग के फोन नंबर का पता कैसे चला।

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