सरकार की सफाई: एनआईसी के ई-मेल पर नहीं हुआ कोई साइबर अटैक, सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित
एनआईसी ईमेल प्रणाली ने टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन है और 90 दिनों में पासवर्ड बदलने जैसे कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इसके अलावा एनआईसी ई-मेल में पासवर्ड में बदलाव के लिए मोबाइल ओटीपी की आवश्यकता होती है और यदि मोबाइल ओटीपी गलत है तो पासवर्ड बदलना संभव नहीं होगा।

विस्तार
भारत सरकार ने उस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि सरकार के ई-मेल सिस्टम पर साइबर अटैक हुआ था। सरकार ने कहा है कि उसकी ई-मेल प्रणाली पर कोई साइबर हमला नहीं हुआ है और वह पूरी तरह से सुरक्षित है। बता दें कि सरकारी ई-मेल आईडी का रखरखाव नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) करता है। इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस बारे में एक विज्ञप्ति भी जारी की है। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि एयर इंडिया, बिग बास्केट और डोमिनोज जैसी कंपनियों के डाटा के साथ ही हैकर्स के हाथ एनआईसी ई-मेल के -ईमेल खाते और पासवर्ड लग गए हैं।
सरकार की ओर से कहा गया है कि किसी थर्ड पार्टी पर हुए साइबर अटैक से सरकारी ईमेल सेवा प्रभावित नहीं हो सकती है और ना ही यह अटैक सरकारी ई-मेल उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकता है।सरकारी ई-मेल डाटा तब तक लीक नहीं हो सकता जब तक कि सरकारी उपयोगकर्ताओं ने अपने सरकारी ई-मेल पते का उपयोग करके इन पोर्टलों पर पंजीकरण नहीं कराया है और सरकारी ईमेल खाते में उपयोग किए गए पासवर्ड का उपयोग नहीं किया है।
एनआईसी ईमेल प्रणाली ने टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन है और 90 दिनों में पासवर्ड बदलने जैसे कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इसके अलावा एनआईसी ई-मेल में पासवर्ड में बदलाव के लिए मोबाइल ओटीपी की आवश्यकता होती है और यदि मोबाइल ओटीपी गलत है तो पासवर्ड बदलना संभव नहीं होगा।
एनआईसी ई-मेल का इस्तेमाल करके हैकिंग के किसी भी प्रयास को एनआईसी द्वारा रोका किया जा सकता है। एनआईसी समय-समय पर उपयोगकर्ता जागरूकता अभियान भी चलाता है और संभावित खतरों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में उपयोगकर्ताओं को अपडेट करता रहता है।