Google: डिलीट करेगा अरबों यूजर्स का डाटा, प्राइवेट मोड में ट्रैक करने के लिए लगा था 65 करोड़ का जुर्माना

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 02 Apr 2024 02:04 PM IST
सार

गूगल यह काम साल 2016 से कर रहा था। एक यूजर ने आरोप लगाया कि Google के एनालिटिक्स, कुकीज और एप्स अल्फाबेट इकाई को उन लोगों को अनुचित तरीके से ट्रैक करने देते हैं जो Google के क्रोम ब्राउजर या अन्य ब्राउजरों को "निजी" ब्राउजिंग मोड पर सेट करते हैं।

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Google Agrees to Delete Incognito Mode Browsing Data to Settle Consumer Privacy Lawsuit
इनकॉग्निटो मोड - फोटो : amarujala

    विस्तार

    Google ने एक मुकदमे को निपटाने के लिए अरबों डाटा को डिलीट करने के लिए राजी हो गया है। यह डाटा गूगल ने प्राइवेट मोड में यूजर्स को ट्रैक करके इकट्ठा किया है। इस मामले में गूगल पर भारी फाइन भी लग चुका है। निपटान की शर्तें सोमवार को ओकलैंड, कैलिफोर्निया संघीय अदालत में दायर की गईं और इसे अमेरिकी जिला न्यायाधीश यवोन गोंजालेज रोजर्स के अप्रूवल की जरूरत है।

    इस समझौते की कीमत करीब 41,676 करोड़ रुपये से अधिक और करीब 65,017 करोड़ रुपये तक आंकी गई है। Google इस मामले के लिए कोई हर्जाना नहीं दे रहा है, लेकिन यूजर्स हर्जाने के लिए कंपनी पर व्यक्तिगत रूप से मुकदमा कर सकते हैं। गूगल पर साल 2020 में एक यह आरोप लगा था कि वह गूगल क्रोम और गूगल एप के इंकॉग्निटो यानी प्राइवेट मोड में भी यूजर्स को ट्रैक कर रहा है।

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    गूगल यह काम साल 2016 से कर रहा था। एक यूजर ने आरोप लगाया कि Google के एनालिटिक्स, कुकीज और एप्स अल्फाबेट इकाई को उन लोगों को अनुचित तरीके से ट्रैक करने देते हैं जो Google के क्रोम ब्राउजर या अन्य ब्राउजरों को "निजी" ब्राउजिंग मोड पर सेट करते हैं।आमतौर पर यह माना जाता है कि किसी भी वेब ब्राउजर के प्राइवेट मोड में सर्च करने पर सर्च हिस्ट्री नहीं बनती है और आपको ट्रैक नहीं किया जाता है, लेकिन गूगल क्रोम के साथ ऐसा नहीं है, हालांकि भले ही गूगल पर यह भारी भरकम जुर्माना लगा है लेकिन कंपनी इस आरोप से इनकार करती है और कहती है कि वह प्राइवेट मोड से डाटा कलेक्ट करने को लेकर बेहद ईमानदार है।

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