Cyber Alert: रैनसमवेयर 'अकीरा' के हमले को लेकर CERT-In ने जारी की चेतावनी, इन सिस्टम को बना सकता है निशाना

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Sun, 23 Jul 2023 03:30 PM IST
सार

एडवाइजरी में कहा गया है कि यह कंप्यूटर मैलवेयर विंडोज और लिनक्स-आधारित सिस्टम को निशाना बना रहा है। मैलवेयर व्यक्तिगत जानकारी चुराता है।

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CERT-In alerts Internet users against Ransomware Akira attack targeting Windows and Linux based systems
Ransomware Akira - फोटो : iStock

    विस्तार

    देश की संघीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) ने इंटरनेट रैंसमवेयर वायरस 'अकीरा' को लेकर अलर्ट जारी किया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम का कहना है कि लेटेस्ट मैलवेयर व्यक्तिगत जानकारी चुराता है और लोगों से पैसे की जबरन वसूली के लिए डाटा को एन्क्रिप्ट करता है। एडवाइजरी में कहा गया है कि यह कंप्यूटर मैलवेयर विंडोज और लिनक्स-आधारित सिस्टम को निशाना बना रहा है।

    काफी खतरनाक हो सकता अकीरा

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रैनसमवेयर एक कंप्यूटर मैलवेयर है जो यूजर्स को अपने स्वयं के डाटा और सिस्टम का उपयोग करने से ब्लॉक कर देता है और वापस एक्सेस देने के लिए फिरौती की मांग करता है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को एक लेटेस्ट एडवाइजरी में कहा कि हाल ही में सामने आया एक रैनसमवेयर ऑपरेशन जिसे अकीरा कहा जाता है, कथित तौर पर साइबर स्पेस में सक्रिय है।

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    पर्सनल जानकारी चुरा सकता है मैलवेयर

    एडवाइजरी के अनुसार, यह ग्रुप पहले पीड़ितों की जानकारी चुराता है, फिर अपने सिस्टम पर डाटा एन्क्रिप्ट करता है और पीड़ित को फिरौती देने के लिए मजबूर करता है। यदि पीड़ित भुगतान करने के लिए राजी नहीं होता है तो हैकर्स पीड़ित का डाटा अपने डार्क वेब ब्लॉग पर जारी कर देते हैं। बता दें कि CERT-In, साइबर हमलों से निपटने के लिए केंद्रीय टेक्नोलॉजी शाखा है और फिशिंग और हैकिंग हमलों और इसी तरह के ऑनलाइन हमलों के खिलाफ साइबर स्पेस की रक्षा करती है।

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    एडवाइजरी में कहा गया है कि इस रैनसमवेयर ग्रुप ने घुसपैठ के दौरान AnyDesk, WinRAR और PCHunter जैसे टूल का भी उपयोग किया है, ये टूल अक्सर पीड़ित के सिस्टम में इंस्टॉल होते हैं और उनके दुरुपयोग पर आमतौर पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। वायरस की तकनीकी घुसपैठ के बारे में बताते हुए एडवाइजरी में कहा गया है कि 'अकीरा' लक्षित डिवाइस पर विंडोज शैडो वॉल्यूम कॉपियों को डिलीट कर देता है। इसके बाद रैनसमवेयर एक्सटेंशन के प्री डिफाइन सेट के साथ फाइलों को एन्क्रिप्ट करता है और इस एन्क्रिप्शन प्रोसेस के दौरान प्रत्येक एन्क्रिप्टेड फाइल के नाम में एक '.अकीरा' एक्सटेंशन जोड़ा जाता है।

    एन्क्रिप्शन फेस में रैनसमवेयर विंडोज रीस्टार्ट मैनेजर एपीआई का उपयोग करके सक्रिय विंडोज सर्विस को समाप्त कर देता है। रैनसमवेयर प्रोग्राम डाटा, रीसायकल बिन, बूट, सिस्टम वॉल्यूम सूचना और विंडोज फोल्डरों को छोड़कर, विभिन्न हार्ड ड्राइव फोल्डर्स में पाई जाने वाली फाइल्स को एन्क्रिप्ट करता है। यानी फिर यूजर का अपने सिस्टम पर कोई कंट्रोल नहीं रहता।

    ऐसे रहें सुरक्षित

    सीईआरटी-इन ने इंटरनेट यूजर्स को ऑनलाइन स्पेस में ऐसे वायरस हमलों से सुरक्षित रहने के लिए बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उपयोग करने की भी सलाह दी। एडवाइजरी में सलाह दी गई है कि ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन को नियमित रूप से अपडेट करते रहें और पुराने सिस्टम और नेटवर्क की सुरक्षा के लिए "वर्चुअल पैचिंग" पर विचार किया जा सकता है। इससे साइबर हमले को रोका गया है।

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