गूगल पर अपने वर्चस्व के दुरुपयोग का संदेह, CCI ने मोबाइल कंपनियों से मांगी रिपोर्ट

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें भारत में गूगल के वर्चस्व के दुरूपयोग को लेकर संदेह जताया है। आयोग का कहना है कि यह संभव है कि गूगल ने भारत में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया हो और मोबाइल निर्माता कंपनियों पर अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड को लेकर दबाव बनाया होगा। वहीं संदेह के बाद सीसीआई ने मोबाइल कंपनियों से गूगल की साझेदारी को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सीसीआई के डायरेक्टर जनरल ने सैमसंग, शाओमी, कार्बन और लावा जैसी मोबाइल निर्माता कंपनियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है जिसमें गूगल के साथ साझेदारी को लेकर नियम व शर्तें हैं। वहीं सीसीआई इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं गूगल ने मोबाइल कंपनियों को अपने एप्स के इस्तेमाल को लेकर मजबूर तो नहीं किया। सीसीआई ने मोबाइल कंपनियों से अप्रैल 2011 से लेकर मार्च 2019 तक साल-दर-साल गूगल के लाइसेंस शुल्क या रॉयल्टी भुगतान का विवरण भी मांगा है।
सीसीआई ने पत्र का जवाब देने के लिए मोबाइल कंपनियों को दो सप्ताह का वक्त दिया है। वहीं मोबाइल निर्माता कंपनियों ने भी सीसीआई की ओर से नोटिस मिलने की पुष्टि की है लेकिन टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पर वर्चस्व के दुरुपयोग का आरोप लगा है। इससे पहले भी यूरोपीय संघ ने प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन को लेकर गूगल पर 1.49 अरब यूरो यानी करीब 117 अरब रुपये का जुर्माना लगाया था। गूगल पर यह जुर्माना ऑनलाइन विज्ञापन में पक्षपात को लेकर लगा था।