निजता को लेकर गूगल-एपल आमने-सामने, Apple ने कहा- पैसे के लिए विज्ञापन नहीं बेचते

भारत में डिजिटल डाटा की निजता को लेकर लोग उतने जागरूक तो नहीं हैं लेकिन अमेरिका जैसे देशों में डाटा प्राइवेसी का मामला बड़ा है। डाटा लीक होने पर बवाल हो जाता है। अब डाटा प्राइवेसी को लेकर टेक्नोलॉजी जगत की दो बड़ी कंपनियां आमने-सामने हैं। हाल ही में एक अखबार में प्रकाशित अपने लेख में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा था कि कुछ कंपनियों ने प्राइवेसी को लग्जरी प्रोडक्ट बना दिया है। ऐसे में इन कंपनियों के प्रोडक्ट इतने महंगे हैं कि जिनके पास मोटे पैसे होंगे उन्हें ही प्राइवेसी मिलेगी। हालांकि अपने लेख में सुंदर पिचाई ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन कयास लगने शुरू हो गए कि सुंदर ने ये बातें एपल की ओर इशारा करके कही है।
डाटा प्राइवेसी की सुरक्षा का दावा करती है एपल
इस बात से आप भी परिचित हैं कि एपल डाटा प्राइवेसी को लेकर दावा करती है कि वह यूजर्स की निजता का पूरा ख्याल रखती है। साथ ही इस बात से भी आप इनकार नहीं कर सकते हैं कि एपल के प्रोडक्ट महंगे होते हैं। वहीं सुंदर पिचाई के इस बयान के बाद एपल ने मामले पर जवाब दिया है। एपल के सॉप्टवेयर चीफ क्रेग फेडेरगी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि एपल प्राइवेसी को लग्जरी नहीं बनाती, बल्कि ऐसे प्रोडक्ट्स बनाती है जिससे लोगों को एक शानदार अनुभव मिल सके और वे अपने डाटा की सुरक्षा को लेकर चिंतित ना रहें।
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उन्होंने यह भी कहा है कि कंपनी क्वालिटी से किसी प्रकार का समझौता नहीं कर सकती और जहां तक कमाई का सवाल है तो एपल की कमाई रेवेन्यू पर निर्भर है और कंपनी कमाई के लिए विज्ञापन नहीं बेचती है। यहां आपको बता दें कि गूगल की अधिकतर सेवाओं में आपको विज्ञापन देखने को मिलेंगे और इन्हीं विज्ञापनों से गूगल के मोटी कमाई होती है।
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प्राइवेसी को लेकर गूगल पर लग चुका है 65 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना
गूगल पर पिछले कई सालों से प्राइवेसी को लेकर जुर्माना लग चुका है। साल 2017 से 2019 तक गूगल पर 65 हजार करोड़ का जुर्माना लग चुका है। यह जुर्माना यूरोपियन यूनियन की ओर से प्राइवेसी के नियमों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है। वहीं गूगल ने भले ही जुर्माना दे दिया हो लेकिन वह हमेशा इन आरोपो को नकारती रही है। अभी इसी साल मार्च में यूरोपीय संघ ने प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन को लेकर गूगल पर 1.49 अरब यूरो यानि करीब 117 अरब रुपये का जुर्माना लगाया है। गूगल पर यह जुर्माना ऑनलाइन विज्ञापन में पक्षपात को लेकर लगा है।