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आज का शब्द: श्रीहीन और जगदीश गुप्त की कविता- हो गयी सांझ जीवन में

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
                                                                
                                                    'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- श्रीहीन, जिसका अर्थ है- जो तेज से हीन हो या जिसमें तेज न हो। प्रस्तुत है जगदीश गुप्त की कविता- हो गयी सांझ जीवन में

जिस दिन से संज्ञा आई
छा गयी उदासी मन में
ऊषा के दृग...और पढ़ें
19 hours ago

छात्र का दर्द और अटल सत्य

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कि उद्यमी अब तो सुन लो जरा ज्यादा अब ना वार करो।
मेहनत कर हारे छात्रों पर, कुछ तो तुम उपकार करो।

त्याग घमंड को नीचे उतरो जन-जन का कल्याण करो।
दिन-रात पढ़ते बच्चों का, जीवन ना तुम पाषाण करो।

सूख गया है कंठ ह...और पढ़ें
16 hours ago

मुखौटे पहनें लोग

Saanvi Dubey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हम थे नादान जो दुनिया पे एतबार किये।
एक मासूम सा चेहरा, कई किरदार जिये।
सामने था कोई इंसान, जो हैवान भी था,
सबकी खातिर था वो भगवान का अवतार लिये।
उसके हाथों से जहर सबने पिया, हँसके पिया,
पी के कहते हैं सुधा हम सरेबा...और पढ़ें
16 hours ago

आज का विचार: शरत चंद्र चट्टोपाध्याय

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
                                                                
                                                    प्रथा जब एक बार धर्म का रूप धारण करके खड़ी हो जाती है, फिर कोई भी निष्ठुरता असाध्य नहीं रह जाती, बल्कि कार्य जितना भी अधिक निष्ठुर होता है और जितना ही अधिक बीभत्स होता है, पुण्य का वज़न भी उतना ही बढ़ जाता है।

~ शरत चंद्र चट्टोपाध्याय...और पढ़ें
19 hours ago

यदि हिन्दी ग़ज़ल कह रहे हैं तो उसमें हिन्दी के दर्शन हों- नवीन सी० चतुर्वेदी

काव्य डेस्क

Sahitya
                                                                
                                                    नवीन सी० चतुर्वेदी एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। साहित्य-लेखन में चाहे विविध विधाओं का सृजन हो अथवा विभिन्न भाषाओं का, चतुर्वेदी जी की क़लम सबको साधती है। वे अलग-अलग भाषाओं-विधाओं में केवल लिखते भर नहीं, बल्कि पूर्ण अधिकार के साथ रचना करते हैं। हिन्दी क...और पढ़ें
                                                
19 hours ago

अहमद मुश्ताक़: तिरा वुजूद ही सब से बड़ी हक़ीक़त है

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    
तिरा वुजूद ही सब से बड़ी हक़ीक़त है
तुझे भुला नहीं सकता यही मोहब्बत है

गिला नहीं है तिरी बे-त'अल्लुक़ी से मुझे
मैं जानता हूँ तुझे भूलने की 'आदत है

दिल-ए-हज़ीं को बड़ी देर में हुआ मा'लूम...और पढ़ें
1 hour ago

गर हो तुमसे वफ़ा तो...

Azhar Sabri

Mere Alfaz
                                                                
                                                    गर हो तुमसे वफ़ा तो वफ़ा कीजिए।
राह-ए-उल्फ़त में ख़ुद को फ़ना कीजिए।

ग़ैर की बात पर ग़ौर मत कीजिए,
दिल की आवाज़ पर दिल दिया कीजिए।

वक़्त के हर सितम को हँसी में छुपा,
मुस्कुराकर भी अपना गिला कीजिए।...और पढ़ें
16 hours ago

एक नजर के लिए

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    छोड़ देने को उम्र भर के लिए
देखना भी था एक नजर के लिए
कुछ भी करने की दरकार न थी
होना तेरा ही बहुत था असर के लिए
तुम कुल्हाड़ भी लेकर आए
हवा काफी थी सूखे शज़र के लिए
जाने कैसे चला आता था वो
थम गई हवा भी र...और पढ़ें
16 hours ago

कमलेश राजहंस को कोंकण रेलवे सरस्वती सम्मान

काव्य डेस्क

Halchal
                                                                
                                                    कोंकण रेलवे के बेलापुर, मुंबई स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के दौरान साहित्यकार एवं कवि कमलेश राजहंस (उत्तर प्रदेश) को ‘कोंकण रेलवे सरस्वती सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कोंकण रेलवे के सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संतोष कुमार झा न...और पढ़ें
                                                
18 hours ago

प्रेम चुनाव नहीं, विवशता है

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    प्रेम चुनाव नहीं, विवशता है

प्रेम कोई चुनाव नहीं होता,
कि चाहा तो कर लिया,
न चाहा तो छोड़ दिया।

अगर प्रेम सच्चा है,
तो वह तुम्हारी विवशता होगा—
तुम चाहकर भी उससे
दूर नहीं जा पाओगे।...और पढ़ें
16 hours ago
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प्रवाह के लिए

Devendra Singh

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सम्मान अगर मैं तुमको दूं तो,
लौटकर मुझे सम्मान मिलेगा,
करूं नमन अगर तुमको मैं,
प्रभु प्रसाद आशीर्वाद मिलेगा।

ये रीति जगत की ऐंसी है
करनी का फल देती है,
करें कर्म हम जैसे आज,
कल वैंसा ही प्रतिफल...और पढ़ें
16 hours ago

कोरो ना त्रासदी

nutan Kumari

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सुनो, सुनाती हूँ मैं सबको
गौरव गाथा बिहार की,
यह वह धरती है जहाँ नींव पड़ी
प्रथम अखंड साम्राज्य की।

प्राचीन मगध की गाथाएँ
इतिहास यहाँ की गढ़ती हैं,
वीरों से सजी इस माटी में
ज्ञान की गंगा बहती ह...और पढ़ें
16 hours ago

तुम्हारा असर

Astitwa Agarwal

Mere Alfaz
                                                                
                                                    वो आगोश-ए-सुकून में हैं, और यहाँ कोई चैन गँवाने लगा है,
जो बस मुँह धो कर निकलता था, वो नादान अब खुद को सजाने लगा है।

एक शख्स ने ज़िंदगी को इस क़दर मुतास्सिर किया है आख़िर,
फ़क़त काम से मतलब रखने वाला, दफ़्तर के बाद वक़्त...और पढ़ें
16 hours ago

सरलता से संघर्ष तक

Suresh Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सच में ,
ये जिंदगी हमें - -
कदम - कदम पर,
अपना महत्व या - -
मोल (कीमत )से,
वाकिफ करवाती है - -
कभी तो ,
ये बरदान स्वरूप में - -
बहुत कुछ दे देती है ,
तो कभी - -
सब कुछ से ,
...और पढ़ें
16 hours ago

आँख में रहता कोई।

सुनील देव

Mere Alfaz
                                                                
                                                    अब शफ़क़ में ही असर ना चाँद में रहता कोई।।
दिल में ही कुछ शोर है ना आँख में रहता कोई।।

हर तरफ़ तन्हाई है बस ग़म की चादर ओढ़कर,,
हर कोई ख़ामोश है यां ना बात पे हंसता कोई।।

जल गया जो ज़िस्म था कल रात उसकी याद में...और पढ़ें
16 hours ago

गंगा के तट पे

Trishika Srivastava

Mere Alfaz
                                                                
                                                    गंगा के तट पे वो मुझे मिलने बुला रहे
ह्रदय की शुष्क अवनि पे प्रणय खिला रहे
मन के भुवन में घोर तिमिर रात छाई थी
वो हर दिशा में प्रेम के दीपक जला रहे
— त्रिशिका धरा...और पढ़ें
16 hours ago

किसान व नांदया की जोड़ी

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                                                
                                                    किसान की जिंदगानी से जोड़ी ना माटी।
किसान की रव्ह् से जोड़ी पर माया मोठी।
पोरा ला याद आव् से वा नांदया जोड़ी।
पोरा ला याद आव् से उनकी घोलर घाटी।।

याद आव् से नांदया की जोड़ी की माया।
याद आव् से नांदया की जोड़...और पढ़ें
16 hours ago

रिश्ता निभाना नहीं जीना सिखा दिया

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                                                
                                                    आपसी सामंजस्य ने रिश्ता निभाना नहीं
बल्कि जीना सिखा दिया ।
 -सरिता...और पढ़ें
17 hours ago

मेरा एहसास

Suresh Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    ऐसा प्रतीत,
होता है कि - -
रुठे - रुठे से ,
लगते हो - -

यदि तुम्हारी ,
इजाज़त हो तो - -
मना के ,
दिखाऊँ - -
क्या ?
सच में - -
दिल का ,
बुरा हाल - -
हो गया है...और पढ़ें
16 hours ago

हल हो गए हैं

Jagdish chandra

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जवाल से निकले हम, सफल हो गए हैं,
जटिल प्रश्न भी हमसे हल हो गए हैं।

आज के जदीद इंसान में उलझन बहुत है,
जेहन में मसलों के जंगल हो गए हैं।

किसे दोष दें और किसको बेदाग़ कहें,
आज के सारे चेहरे कल हो गए है...और पढ़ें
16 hours ago

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

dinesh chauhan

3544 कविताएं

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Manoj Kumar

420 कविताएं

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