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वायरल: अजीब जुल्म करती हैं  तेरी यादें मुझ पर 

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    अजीब जुल्म करती हैं  तेरी यादें मुझ पर 
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है

खतम हो गई कहानी, बस कुछ अल्फ़ाज़ बाकी हैं 
एक अधूरे इश्क़ की एक मुकम्मल सी याद बाकी है

कोई उम्मीद नहीं थी हमें उनसे म...और पढ़ें
21 hours ago

शायरों के कलाम जो आपके अंदर आत्मविश्वास पैदा कर देते हैं...

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    बंदा तो इस इकरार पै बिकता है तेरे हाथ,
लेना है अगर मोल तो आज़ाद न करना। 
- नज़्म तबातबाई

वही हक़दार हैं किनारों के,
जो बदल दें बहाव धारों के। 
- निसार इटावी ...और पढ़ें
21 hours ago

ख़त लिखने के लिए काग़ज़ आज ही हाथ आया है... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का पत्नी के नाम ख़त

काव्य डेस्क

Sahitya
                                                                
                                                    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ उर्दू अदब के एक ऐसे मक़बूल शायर हैं जिनका एहतराम दोनों मुल्कों के लोग बराबर करते हैं। मजरुह सुल्तानपुरी का कहना था कि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ तरक्कीपसंदों के मीर तक़ी मीर थे। फ़ैज़ एक इन्कलाबी शायर थे और अक्सर उनकी गतिविधियों के कारण उन्हें...और पढ़ें
                                                
21 hours ago

साजन ग्वालियरी की हास्य रचना: बस यही उम्मीद रखना 

काव्य डेस्क

Hasya
                                                                
                                                    ज़िंदगी में हो रहे हैं हादसे ही हादसे 
हम मुसीबत में फंसे हैं, घुड़चढ़ी के बाद से 

वे गई हैं माइके तब सांस ली है चैन की 
चार दिन हम भी फिरेंगे हर तरफ़ आज़ाद से 

हमरे वरमाला से पाया मित्र फांसी का मज़ा ...और पढ़ें
21 hours ago

भरोसे पर शायरों के अल्फ़ाज़

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    हमें ख़ुदा पे भरोसा है ना-ख़ुदा पे नहीं
ख़ुदा जो देता है वो ना-ख़ुदा नहीं देता
- अख्तर लख़नवी


मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है चारागर
ये तिरी नवाज़िश-ए-मुख़्तसर मेरा दर्द और बढ़ा न दे
- शकी...और पढ़ें
21 hours ago

जब काका हाथरसी से डाकुओं ने कहा, “हमें अपनी हास्य-कविता सुनाइए”

काव्य डेस्क

Mud Mud Ke Dekhta Hu
                                                                
                                                    यह किस्सा है प्रसिद्ध हास्य कवि काका हाथरसी और बालकवि बैरागी के बारे में जिसे अमर उजाला काव्य को सुनाया काका हाथरसी के पौत्र अशोक गर्ग ने, पढ़ें वह किस्सा। 

काका हाथरसी प्रसिद्धि के शिखर पर थे और मुरैना में डाकुओं का बोलबाला था। मुरैना...और पढ़ें
21 hours ago

आज का शब्द: मनोरथ और नागार्जुन की कविता- उनको प्रणाम !

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
                                                                
                                                    मनोरथ यानी मन की इच्छा या अभिलाषा। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है मनोरथ। प्रस्तुत है नागार्जुन की कविता- उनको प्रणाम

जो नहीं हो सके पूर्ण-काम 
मैं उनका करता हूँ प्रणाम। 

कुछ कुंठि...और पढ़ें
9 hours ago

शहरयार: दिल में रखता है न पलकों पे बिठाता है मुझे

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    दिल में रखता है न पलकों पे बिठाता है मुझे 
फिर भी इक शख़्स में क्या क्या नज़र आता है मुझे 

रात का वक़्त है सूरज है मिरा राह-नुमा 
देर से दूर से ये कौन बुलाता है मुझे 

मेरी इन आँखों को ख़्वाबों से पशेमानी है...और पढ़ें
22 hours ago

ताहिर फ़राज़: कोई हसीं मंज़र आँखों से जब ओझल हो जाएगा 

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    कोई हसीं मंज़र आँखों से जब ओझल हो जाएगा 
मुझ को पागल कहने वाला ख़ुद ही पागल हो जाएगा 

पलकों पे उस की जले बुझेंगे जुगनू जब मिरी यादों के 
कमरे में होंगी बरसातें घर जंगल हो जाएगा 

जिस दिन उस की ज़ुल्फ़ें उस क...और पढ़ें
22 hours ago

जिंदगी

Ram Vallabh

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तू मेरे साथ है , तू मेरे पास है
ए जिन्दगी तू कितनी ख़ास है
हासिल हुआ तुझसे ही सबकुछ
तू है तो खुद पर मुझे विश्वास है
हौसला भी तुझिसे , हर फ़ैसला भी तुझिसे
तू ही मुझको मुझमें में रखने का आवास है !
- रामवल्लभ ता...और पढ़ें
17 hours ago
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एक ओंकार

Saumya Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    मुझमें शिव है, तुझमें शिव है।
लय में शिव है , मय मे शिव है।।

विष में शिव है, शिव में विष है।
शिव ही आदि , शिव ही अंत है।।

शिव से गंगा, गंगा में शिव है।
शिव से भस्म, भस्म से शिव है।।

धर...और पढ़ें
17 hours ago

सपना भट्ट की कविता: मेरी देह की एकांतिक भूमि पर 

काव्य डेस्क

Kavita
                                                                
                                                    सुधियों में गुंजारित किसी मंत्र सरीखा 
तुम्हारा विह्वल स्वर 
मेरी आत्मा की साँकलें बजाता है निरंतर 

सुनो! 
मेरी देह की एकांतिक भूमि पर 
चाहो तो रख सकते हो हाथ तुम 
आत्मा के भीतर पग धरने का मनोरथ तो ...और पढ़ें
23 hours ago

आज का विचार- अरस्तु

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
                                                                
                                                    बिना साहस के आप इस दुनिया में कोई काम नहीं कर सकते हैं, साहस ही दिमाग की महानतम विशेषता है। - अरस्तु...और पढ़ें
                                                
21 hours ago

गुलाम हूं तेरी मोहब्बत का

Ram Vallabh

Mere Alfaz
                                                                
                                                    खुली किताब सा हूं मैं
पढ़ सको तो पढ़लो
गुलाम हूं तेरी मोहब्बत का
दिल में रख सको तो रख लो !

- रामवल्लभ तापड़िया " अलग "
  - हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के ल...और पढ़ें
16 hours ago

मेरा हर रस्ता

Om Gopal

Mere Alfaz
                                                                
                                                    मेरा हर रस्ता उसकी गली से गुजरता है।
चांद हर रात उसके आंगन में उतरता है।।

ये कैसा वक़्त है ये कैसे लोग हैं यारब।
पटाखा भी देखो मिसाइल सा फड़कता है।।

बहुत जतन से जिसे दिल से निकाला था।
वो पत्थर दिल मे...और पढ़ें
17 hours ago

मौन पाषाण

Anurag Ankur

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कभी जब कभी ठहर सा जाता हूं
जीवन की तूफानी आंधियों में.....
तब पूछता है खुद की गहरी सांसों से
क्या यह जीवन है?

बिना अवरोध के तैरती जिंदगी
जब आंसुओं के घाट किनारे डूबती है,
तब पूछता हूं शाम ढलते सूर्य सऔर पढ़ें
17 hours ago

भाषण सुनना, ठगे जाना

Shreedhar Editors,

Mere Alfaz
                                                                
                                                    किसी का मरना किसी का रोना
किसी का मौत पर बहसें कराना
किसी का मौत की खबरें बेचाना
किसी का खबर सजाकर बेचना
किसी का मौत की खबरें पढ़ना
किसी का मौत पर नाटक बनाना
किसी का खूब सनसनी फ़ैलाना
किसी का खबर छापकर...और पढ़ें
19 hours ago

हमारे गांव, हमारी शान

Unnati Patairiya

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सूना - सूना हर गांव है, आज
शहरों में बस रहा है, हर इंसान
वो बरगद, पीपल, नीम छोड़कर
गमलों तक सिमट गया इंसान
वो नहर, कुआं, तालाब छोड़कर
समरों तक सिमट गया इंसान
वो शुद्ध नील गगन छोड़कर
कमरों तक सिमट गया इ...और पढ़ें
17 hours ago

जि़ंदगी खूबसूरत है...

Dr. Mamta

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जिंदगी खूबसूरत है
1 दिन मौत से मेरी बात हुई
मैंने कहा क्यों डराती है तू दुनिया को यूं अपने ही नाम से
क्यों रास नहीं आता तुझे जीना आराम से 
मौत बोली मैं तो जीवन की सच्चाई हूं
तुम्हारे साथ रहने वाली परछाई हूं 
...और पढ़ें
4 hours ago

दहेज प्रथा... ब्याह या व्यापार

Neha Patel

Mere Alfaz
                                                                
                                                    दहेज के नाम पे कोई बहू को लाता हैं!
तो कोई बहू से अपने, लाखों चाहता है!

कैसा व्यापार हैं जहाँ मुह बोला दाम देना पड़ता हैं!!
बाप अपनी बेटी के लिए हर कठिनाई से लड़ता है!!

इस समाज ने शादी को एक व्यापार बना दिय...और पढ़ें
4 hours ago

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