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सब ठहरते हुए मिलेंगे कभी

Nivedan Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    चलिए चलते हुए मिलेंगे कभी
हम बिछड़ते हुए मिलेंगे कभी

ये भी दिलचस्प वाक़िआ होगा
ख़ुद से डरते हुए मिलेंगे कभी

पूछना जन्नतों के बारे में
जब उतरते हुए मिलेंगे कभी

एक तस्वीर की सफेदी में...और पढ़ें
1 hour ago

खेतों का योद्धा राष्ट्र का विधाता

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                                                
                                                    धरा की धूल से जो देश का गौरव बढ़ाता है
कड़कती धूप में भी जो सोई क़िस्मत जगाता है,
बहाकर खून-पानी जो यहाँ सोना उगाता है,
पसीना बेच कर अपना जो यह दुनिया चलाता है।

कभी सावन की रातों में जो खेतों में ही सोता है,
...और पढ़ें
1 hour ago
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आज का दौर...

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                                                
                                                    वो दूरियाँ मीलों की भी जिन्हें कभी न डराती थीं,
वो कच्चे रास्तों की धूल भी जिनके हौसले बढ़ाती थी।
न गाड़ी थी, न चिट्ठी थी, न कोई साधन पास था,
मगर हर दिल में मिलने का एक अटूट विश्वास था।
दूर-दूर से पैदल चलकर लोग गले मिल जात...और पढ़ें
1 hour ago

आँगन की पहली आहट

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                                                
                                                    द्वार हमारे गूँज उठी है, नन्हीं सी इक ताली रे,
सूने पड़े हुए उपवन में, आई नव-जयमाली रे।
पलक मूँदकर सोई गोदी, प्रात काल की लाली रे,
इस पावन आगम ने हर ली, मन की सब बदहाली रे।

देखे मुखड़ा जब भी माता, ममता जल बरसाती है...और पढ़ें
1 hour ago
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ठहरो ज़रा, खुद से मिलो

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                                                
                                                    भागती इस दौड़ में, तुम कहाँ जा रहे हो?
मृगतृष्णा के पीछे, क्यूँ अपना चैन गँवा रहे हो?
जो छूट गया पीछे, उसे मुड़कर मत देखो,
जो आज तुम्हारे पास है, उसे जीकर तो देखो।

सफलता की सीढ़ियों पर, पाँव भले ही ऊँचे हों,
...और पढ़ें
1 hour ago

मुझको भी पागल बनाएगी क्या ?

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                                                
                                                    मैं हूं प्यार का व्यापारी,
मैं क्या जानू लाभ नुकसान
तुम इसको समझो,तुम इसे जानो मेरी जान

हमको बताओ कहां है तेरे दिल का वो कोना
जहां छुपा रखा है, मेरे लिए तू ने सारा सोना

भर दी है अपने प्यार से तूने मे...और पढ़ें
1 hour ago

धंधा है खलिस ब्लैक- मेलिंग ।

Neet Biology

Mere Alfaz
                                                                
                                                    ब्रिक्स में इकठ्ठा तमाम किंग।
नए कलेवर मे ,ये नई मीटिंग।
खुब मिलो ,मगर ये न भूलना ,
मिलेंगे पुराने ही शी जिनपिंग।
ऑडिट तो होने ही वाला था,
मगर ,पहले गिर गई बिल्डिंग।
वो बाउंड्री के बाहर मार रहा,
पीच पर...और पढ़ें
1 hour ago

हिंदी ही है हमारे भारत की पहचान

Shreyasi Satish

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हर भाषा का दिल से
करते हम सम्मान,
पर हिंदी ही है हमारे
भारत की पहचान
अंग्रेजी न आए तो
शर्मिंदा क्यों होना,
हिन्दी भूल जाना
है हिन्द का अपमान।...और पढ़ें
1 hour ago

प्रोफेसर साहब का 'संत-अवतार'

Dr Preeti

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कुर्सी वही, केबिन वही, पर बदला-बदला 'सीन' है,
कल जिसे तुमने सिखाया, आज वही प्रवीण है! 😜
कल तक जो बातें लगती थीं—"अरे! ये तो बस रूल है,"
आज वही जूनियर बोले, तो लगता सीधा 'शूल' है!

कल तक जिसके 'ज...और पढ़ें
1 hour ago

सदा वो नींद से मुझको जगाता है।

Sushila Shrivastav

Mere Alfaz
                                                                
                                                    मुझे वो देख कर जब मुस्कराता है
क़सम से प्यार में मुझको लुभाता है
बड़ी जा़लिम लगे अँगड़ाईयाँ उसकी
सदा वो नींद से मुझको जगाता है।...और पढ़ें
1 hour ago
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