चलिए चलते हुए मिलेंगे कभी
हम बिछड़ते हुए मिलेंगे कभी
ये भी दिलचस्प वाक़िआ होगा
ख़ुद से डरते हुए मिलेंगे कभी
पूछना जन्नतों के बारे में
जब उतरते हुए मिलेंगे कभी
एक तस्वीर की सफेदी में...और पढ़ें
धरा की धूल से जो देश का गौरव बढ़ाता है
कड़कती धूप में भी जो सोई क़िस्मत जगाता है,
बहाकर खून-पानी जो यहाँ सोना उगाता है,
पसीना बेच कर अपना जो यह दुनिया चलाता है।
कभी सावन की रातों में जो खेतों में ही सोता है,
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वो दूरियाँ मीलों की भी जिन्हें कभी न डराती थीं,
वो कच्चे रास्तों की धूल भी जिनके हौसले बढ़ाती थी।
न गाड़ी थी, न चिट्ठी थी, न कोई साधन पास था,
मगर हर दिल में मिलने का एक अटूट विश्वास था।
दूर-दूर से पैदल चलकर लोग गले मिल जात...और पढ़ें
द्वार हमारे गूँज उठी है, नन्हीं सी इक ताली रे,
सूने पड़े हुए उपवन में, आई नव-जयमाली रे।
पलक मूँदकर सोई गोदी, प्रात काल की लाली रे,
इस पावन आगम ने हर ली, मन की सब बदहाली रे।
देखे मुखड़ा जब भी माता, ममता जल बरसाती है...और पढ़ें
भागती इस दौड़ में, तुम कहाँ जा रहे हो?
मृगतृष्णा के पीछे, क्यूँ अपना चैन गँवा रहे हो?
जो छूट गया पीछे, उसे मुड़कर मत देखो,
जो आज तुम्हारे पास है, उसे जीकर तो देखो।
सफलता की सीढ़ियों पर, पाँव भले ही ऊँचे हों,
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मैं हूं प्यार का व्यापारी,
मैं क्या जानू लाभ नुकसान
तुम इसको समझो,तुम इसे जानो मेरी जान
हमको बताओ कहां है तेरे दिल का वो कोना
जहां छुपा रखा है, मेरे लिए तू ने सारा सोना
भर दी है अपने प्यार से तूने मे...और पढ़ें
ब्रिक्स में इकठ्ठा तमाम किंग।
नए कलेवर मे ,ये नई मीटिंग।
खुब मिलो ,मगर ये न भूलना ,
मिलेंगे पुराने ही शी जिनपिंग।
ऑडिट तो होने ही वाला था,
मगर ,पहले गिर गई बिल्डिंग।
वो बाउंड्री के बाहर मार रहा,
पीच पर...और पढ़ें
हर भाषा का दिल से
करते हम सम्मान,
पर हिंदी ही है हमारे
भारत की पहचान
अंग्रेजी न आए तो
शर्मिंदा क्यों होना,
हिन्दी भूल जाना
है हिन्द का अपमान।...और पढ़ें
कुर्सी वही, केबिन वही, पर बदला-बदला 'सीन' है,
कल जिसे तुमने सिखाया, आज वही प्रवीण है! 😜
कल तक जो बातें लगती थीं—"अरे! ये तो बस रूल है,"
आज वही जूनियर बोले, तो लगता सीधा 'शूल' है!
कल तक जिसके 'ज...और पढ़ें
मुझे वो देख कर जब मुस्कराता है
क़सम से प्यार में मुझको लुभाता है
बड़ी जा़लिम लगे अँगड़ाईयाँ उसकी
सदा वो नींद से मुझको जगाता है।...और पढ़ें