बी.पी. जांच कर डॉक्टर ने कहा ,
सेहत पर अब दम दीजिए ।
बीपी बढ़ रहा है ,
खाने में नमक कम कीजिए ।
मैंने कहा जख्मों को ,
लबों में सी जाता हूं ।
आंसू बाहर निकलते ही नहीं ,
अंदर ही पी जाता हूं ।...और पढ़ें
मैं अपने ढूँढ़ता रहा, अपने आस-पास,
छिपे थे चेहरे, नकाब पहने आस-पास।
रिश्ते तो बहुत मिले इस सफ़र में मगर,
कोई अपना न मिला मेरे आस-पास।
पुकारा जिसको भी दुनिया की भीड़ में,
ख़बर ही न थी—बहरे थे मेरे आस...और पढ़ें
जाति पांति के चक्कर में बर्बाद हुए हैं हम
धर्म के नाम पर बर्बाद हुए हैं हम
धर्म से ऊपर उठना होगा
क्षेत्रवाद से ऊपर उठना होगा
काले गोरे रंग से ऊपर उठना होगा
जाति पांति से ऊपर उठना होगा
तभी बनेगा विकसित हिंदुस्...और पढ़ें
अंतस मन की दृष्टि से फुटता है जब सपनों का यवन
तब मन तलाशता है भावनाओ का दर्पण
देखता है इस संसार में कही मित्र कही दुश्मन
कभी आहत हो तो कही पाता प्रसन्नता का आँगन
सहज़ नहीं सरल नहीं की करें एक सिद्धांत का अनुसरण
अनेक...और पढ़ें
विश्व का नक्शा उठाया
सबसे पहले भारत को पाया
क्योंकि भारत मेरे मन में समाया
क्योंकि है हिंद हमारे हृदय में समाया
सारे संसार में एक ही तो देश है
बाकी सब विदेश हैं
बाकी सब परदेश हैं
सबसे सुंदर देश है मेरा...और पढ़ें
गंगा नदी अईली मेरे द्वारे
होत सबेरे गंगा मईया अईली मेरे द्वारे
चारों ओर बहार बा
देख दहार बा
लईकन के बहार बा
जवनकन के बहार बा
बुढ़वन के बहार बा
डूबल खेत खलिहान बा
देख इहे गंगा के मैदान बा।
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याद हम बनके तेरे दिल में महक जाएंगे
बनके आसूं तेरी आंखों से झलक जाएंगे
-फ़ौज़िया नसीम शाद...और पढ़ें
कारागार में आधी रात को
जब ज्योति पुंज जली
देवकी वासुदेव के
आशाओं की तपन में
गंग धारा बह चली
दो दो माताओ को
एक लालना मिला
वर्षो का सूना
सपनों का
पालना खिला
बचपन को मानो
बचपन...और पढ़ें
ग्रह देखे भविष्य, जब हाथ नहीं तेरे,
तारे लिखें लेखा, जब साथ नहीं तेरे।
जब तक सौंपा जीवन, दूसरों के हाथ में,
तब तक घूमेगा मन, ग्रह-नक्षत्रों के साथ में।
जिस दिन थामा जीवन, अपने ही हाथ में,
उस दिन छूटा...और पढ़ें
जिंदगी की कहानी में अपने ही गद्दार निकले
हर शख्स विलेन निकला।
हमारी ही बर्बादी की सुरंग हमारे साथ रहकर
ही खोद रहा था।
वो लोग जिंदगी के हर बड़े और आवश्यक मुद्दे
में गायब रहे।
कहीं कुछ अ...और पढ़ें