Russia: डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिबंधों से रूस में हलचल! लुकोइल बेचेगी विदेशी संपत्तियां, तेल बाजार पर भी असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के असर से रूस की बड़ी तेल कंपनी लुकोइल अपनी विदेशी संपत्तियां बेचने जा रही है। यूक्रेन पर युद्ध जारी रहने के बीच रूस के तेल उत्पादन और कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।
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रूस की दूसरी सबसे बड़ी तेल उत्पादन कंपनी लुकोइल अपनी अंतरराष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री करेगी। कंपनी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में वह अपनी विदेशी संपत्तियों की बिक्री शुरू करने जा रही है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में युद्धविराम के लिए सहमत कराना है। कंपनी संभावित खरीदारों से बातचीत कर रही है।
रूसी तेल कंपनी के हवाले से रूसी सरकारी मीडिया (तास) ने एक रिपोर्ट में कहा कि लुकोइल के संभावित खरीदारों की बोलियों पर विचार भी शुरू हो गया है। संपत्तियों की बिक्री अमेरिकी ओएफएसी (विदेशी संपत्ति नियंत्रण मंत्रालय) से प्राप्त विंडडाउन लाइसेंस के तहत की जा रही है। ये लेनदेन प्रतिबंधों की छूट अवधि (21 नवंबर तक) के तहत किए जाएंगे। कंपनी ने कहा कि यदि जरूरी हुआ तो लेनदेन पूरा करने के लिए वह विस्तार की मांग करेगी। लुकोइल की 11 देशों में तेल और गैस परियोजनाओं में हिस्सेदारी है। बुल्गारिया और रोमानिया में इसकी रिफाइनरियां हैं और नीदरलैंड की एक रिफाइनरी में इसकी 45% हिस्सेदारी है। उधर, रूस पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का असर तेल की वैश्विक खरीदारी पर भी पड़ रहा है। इसके चलते रूस में तेल के दाम भी प्रभावित हुए हैं। एजेंसी
रूसी तेल शोधन क्षमता घटी : जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी सरकारों से मिली खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि रूस के अंदर रिफाइनरियों पर यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों ने मॉस्को की तेल शोधन क्षमता को 20% तक कम कर दिया है। वह बोले, रूसी धरती पर किए गए इन गहन हमलों में से 90% से ज्यादा यूक्रेन में बने लंबी दूरी के हथियारों से किए गए। उन्होंने कहा, यूक्रेन को और ज्यादा लंबी दूरी के हथियारों का उत्पादन करने के लिए अतिरिक्त विदेशी वित्तीय मदद जरूरी है। जेलेंस्की ने कहा, हमें बस इस पर हर दिन काम करने की जरूरत है।