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कोविड-19 महामारी का अब अंत नजर आने लगा है: WHO
Thu, 15 Sep 2022 03:44 PM IST
शैलजा श्रीवास्तव
यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार
Published by: शैलजा श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Sep 2022 03:44 PM IST
सार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने बुधवार को कहा कि COVID-19 के कारण किसी एक सप्ताह में मृतकों की संख्या, मार्च 2020 के बाद से अब तक अपने निम्नतम स्तर तक पहुंच गई है, जिससे वैश्विक महामारी का अंत अब नजर आने लगा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक ने जेनेवा में अपनी नियमित साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को बताया कि इस महामारी को समाप्त करने के नजरिए से, हम इससे पहले इतनी बेहतर स्थिति में कभी नहीं थे।
मगर, उन्होंने आगाह किया कि दुनिया अभी वांछित पड़ाव तक नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा कि एक मैराथन धावक को जब समापन रेखा (finish line) दिखाई दे जाती है तो वो रुकते नहीं हैं, और तेजी से भागते हैं, अपनी पूरी ऊर्जा के साथ। हमें भी ऐसा ही करना है। हम समापन रेखा को देख सकते हैं। हम जीतने की स्थिति में हैं। लेकिन यह समय दौड़ रोकने के लिए ठीक नहीं है।
महानिदेशक गेब्रेहेसुस ने सचेत किया कि यदि दुनिया ने इस अवसर का उपयोग नहीं किया तो और वैरिएंट के उभरने, मौतें होने, व्यवधान आने और अनिश्चितता का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, आइए, इस अवसर का लाभ उठाएं।
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स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने बुधवार को छह लघु नीतिपत्र जारी किए, जिनमें इस 'दौड़ को समाप्त करने' के इरादे से, सभी सरकारों के लिए अहम कार्रवाई का खाका प्रस्तुत किया गया है।
अहम नीतिपत्र
यह नीतिपत्र, पिछले 32 महीनों के अनुभवों व तथ्यों पर आधारित सारांश है, जिनमें लोगों की जिंदगियों को बचाने, स्वास्थ्य प्रणालियों की रक्षा करने और सामाजिक-आर्थिक व्यवधान से बचने के लिए सर्वोत्तम उपाय साझा किए गए हैं। यह सरकारों के लिए तत्काल जारी की गई अपील है ताकि वे अपनी नीतियों पर कड़ाई से नजर डालें, उन्हें कोविड-19 व महामारी की आशंका वाले अन्य भावी वायरसों से निपटने के लिए मजबूत बनाएं।
यह दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनमें अति-जोखिम का सामना करने वाले समूहों के लिए टीकाकरण, SARS-CoV-2 वायरस की सीक्वेंसिंग व परीक्षण और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में कोविड-19 के कारगर उपचारों का प्रबंध करने पर बल दिया गया है।
साथ ही, भविष्य में संक्रमणों में उछाल को रोकने के लिए योजनाएं तैयार करनी होंगी, जिनके अन्तर्गत चिकित्सा सामग्री व उपकरणों की आपूर्ति और अतिरिक्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता अहम है। नीतिपत्र में स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि वे गलत सूचनाओं के प्रसार की रोकथाम कर पाने और उच्च-गुणवत्ता वाली जानकारीपरक सामग्री तैयार करने में सक्षम हों।
संभावित परिदृश्य
कोविड-19 पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वान कर्कहोव ने बताया कि वायरस अब भी दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। संगठन का मानना है कि जिन संक्रमण मामलों की पुष्टि की गई है, वास्तविक मामलों की संख्या उससे कहीं अधिक होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में संक्रमण की नई लहरें देखने को मिल सकती हैं, जिनके लिए ओमिक्रॉन, उसके उप-वैरीएंट या अन्य रूप जिम्मेदार होंगे। मगर, इन भावी संक्रमण लहरों के कारण यह जरूरी नहीं है कि इसके परिणामस्वरूप मृतकों की संख्या बढ़े, चूंकि अब वैक्सीन समेत अन्य एंटी वायरल उपचार भी उपलब्ध हैं।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
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मगर, उन्होंने आगाह किया कि दुनिया अभी वांछित पड़ाव तक नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा कि एक मैराथन धावक को जब समापन रेखा (finish line) दिखाई दे जाती है तो वो रुकते नहीं हैं, और तेजी से भागते हैं, अपनी पूरी ऊर्जा के साथ। हमें भी ऐसा ही करना है। हम समापन रेखा को देख सकते हैं। हम जीतने की स्थिति में हैं। लेकिन यह समय दौड़ रोकने के लिए ठीक नहीं है।
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महानिदेशक गेब्रेहेसुस ने सचेत किया कि यदि दुनिया ने इस अवसर का उपयोग नहीं किया तो और वैरिएंट के उभरने, मौतें होने, व्यवधान आने और अनिश्चितता का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, आइए, इस अवसर का लाभ उठाएं।
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स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने बुधवार को छह लघु नीतिपत्र जारी किए, जिनमें इस 'दौड़ को समाप्त करने' के इरादे से, सभी सरकारों के लिए अहम कार्रवाई का खाका प्रस्तुत किया गया है।
LIVE: Media briefing on #COVID19 and other global health issues with @DrTedros https://t.co/Meah5QJlmR
— World Health Organization (WHO) (@WHO) September 14, 2022
अहम नीतिपत्र
यह नीतिपत्र, पिछले 32 महीनों के अनुभवों व तथ्यों पर आधारित सारांश है, जिनमें लोगों की जिंदगियों को बचाने, स्वास्थ्य प्रणालियों की रक्षा करने और सामाजिक-आर्थिक व्यवधान से बचने के लिए सर्वोत्तम उपाय साझा किए गए हैं। यह सरकारों के लिए तत्काल जारी की गई अपील है ताकि वे अपनी नीतियों पर कड़ाई से नजर डालें, उन्हें कोविड-19 व महामारी की आशंका वाले अन्य भावी वायरसों से निपटने के लिए मजबूत बनाएं।
यह दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनमें अति-जोखिम का सामना करने वाले समूहों के लिए टीकाकरण, SARS-CoV-2 वायरस की सीक्वेंसिंग व परीक्षण और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में कोविड-19 के कारगर उपचारों का प्रबंध करने पर बल दिया गया है।
साथ ही, भविष्य में संक्रमणों में उछाल को रोकने के लिए योजनाएं तैयार करनी होंगी, जिनके अन्तर्गत चिकित्सा सामग्री व उपकरणों की आपूर्ति और अतिरिक्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता अहम है। नीतिपत्र में स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि वे गलत सूचनाओं के प्रसार की रोकथाम कर पाने और उच्च-गुणवत्ता वाली जानकारीपरक सामग्री तैयार करने में सक्षम हों।
संभावित परिदृश्य
कोविड-19 पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वान कर्कहोव ने बताया कि वायरस अब भी दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। संगठन का मानना है कि जिन संक्रमण मामलों की पुष्टि की गई है, वास्तविक मामलों की संख्या उससे कहीं अधिक होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में संक्रमण की नई लहरें देखने को मिल सकती हैं, जिनके लिए ओमिक्रॉन, उसके उप-वैरीएंट या अन्य रूप जिम्मेदार होंगे। मगर, इन भावी संक्रमण लहरों के कारण यह जरूरी नहीं है कि इसके परिणामस्वरूप मृतकों की संख्या बढ़े, चूंकि अब वैक्सीन समेत अन्य एंटी वायरल उपचार भी उपलब्ध हैं।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)