फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Discussion on modern technology in Ran Samvad in Mhow, the role of dialogue in war

Indore: महू में रण संवाद में आधुनिक तकनीक, युद्ध में संवाद की भूमिका पर मंथन

Wed, 27 Aug 2025 03:11 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 27 Aug 2025 03:11 PM IST
सार

सुबह साढ़े 9 बजे रण संवाद शुरू हुआ। इस संवाद में लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने कहा कि रण संवाद का उद्देश्य युद्ध कला और युद्ध संचालन के लिए खुद को तैयार करना है। इससे दक्षता बढ़ती है। रण संवाद विश्वास पर आधारित है।

विज्ञापन
Indore: Discussion on modern technology in Ran Samvad in Mhow, the role of dialogue in war
लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही - फोटो : amar ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश की सैन्य छावनी महू में रण संवाद 2025 संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस सेमिनार में देशभर से सैन्य अफसर मौजूद रहे। बैठक में युद्ध कौशल, आधुनिक तकनीक और सैन्य नीति पर मंथन हुआ। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हुए हमले के बाद यह रण संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

विज्ञापन

 

सुबह साढ़े 9 बजे रण संवाद शुरू हुआ। इस संवाद में लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने कहा कि रण संवाद का उद्देश्य युद्ध कला और युद्ध संचालन के लिए खुद को तैयार करना है। इससे दक्षता बढ़ती है। रण संवाद विश्वास पर आधारित है। जो युद्ध का प्रशिक्षण देते है। युद्ध को अंजाम देते है। उन्हें युद्ध के प्रमाणों की सामूहिक जिम्मेदारी भी उठाना पड़ती है।

विज्ञापन

 

संवाद हमारी संस्कृति का हिस्सा

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संवाद भारत की परंपरा है। भारत वह धरती है जो युद्ध के लिए तैयार रहती है और जरुरत पड़ने पर सुलह को भी महत्व देती है। संवाद की कमी टकराव की वजह बनती है। युद्ध में भी संवाद के रास्ते खुले रखना जरुरी है। भारतीय परंपरा में युद्ध और संवाद हमेशा जुड़े है। युद्ध से पहले संवाद करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। हमारी संस्कृति में संवाद युद्ध से अलग नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन



सिंह ने युद्ध में आधुनिक तकनीक ड्रोन, एआई, सैटेलाइट निगरानी आधारित युद्ध प्रणाली पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अब युद्ध का स्वरुप बदल गया है। देश की रक्षा सीमा पर सिर्फ सैनिक ही नहीं करते बल्कि आधुनिक तकनीक विकसित करने वाले वैज्ञानिक, हथियार प्रणाली बनाने वाले उद्योगपति और अगली पीढ़ी को युद्ध के लिए तैयार रहने वाले शिक्षक भी करते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed