India-EU FTA: पीयूष गोयल और जयशंकर से मिले इतालवी डिप्टी पीएम; भारत-यूरोपीय संघ के बीच FTA का किया समर्थन
यूरोपीय संघ भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024 में दोनों पक्षों के बीच कुल व्यापार 120 अरब यूरो (लगभग 10.7 लाख करोड़ रुपये) रहा। यह भारत के कुल व्यापार का 11.5% हिस्सा है। वहीं, भारत यूरोपीय संघ का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जो ईयू के कुल व्यापार का 2.4% हिस्सा रखता है।
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जल्द भारत का दौरा करेंगे इतालवी डिप्टी पीएम
एंटोनियो ताजानी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वह आने वाले महीनों में भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने लिखा, 'न्यूयॉर्क में मैंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इटली और भारत के बीच रणनीतिक राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी है, जिसे हम मेरे भारत दौरे के जरिए और मजबूत करना चाहते हैं।'
A New York ho avuto importanti incontri anche con il Ministro degli Esteri indiano @DrSJaishankar ed il Ministro del Commercio @PiyushGoyal
🇮🇹🇮🇳 condividono un partenariato strategico sia politico che economico che intendiamo rafforzare con una mia ulteriore visita in India nei…— Antonio Tajani (@Antonio_Tajani) September 25, 2025
'भारत इटली के लिए प्राथमिकता वाला देश'
एंटोनियो ताजानी ने यह भी कहा कि भारत इटली के लिए प्राथमिकता वाला देश है। उन्होंने खुलासा किया कि इटली ने अपने निर्यातक कंपनियों को मदद देने के लिए 500 मिलियन यूरो (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की विशेष योजना तैयार की है, ताकि भारत के साथ व्यापार बढ़ाया जा सके।
इतालवी डिप्टी पीएम का एफटीए पर जोर
इस दौरान एंटोनियो ताजानी ने कहा, 'मैंने भारत-यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को तेजी से अंतिम रूप देने के लिए इटली का समर्थन दोहराया।' इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और ईयू के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह दोनों पक्षों के लिए शुल्क घटाने, व्यापारिक नियम आसान करने, और निवेश को बढ़ावा देने का बड़ा अवसर होगा।
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क्यों है एफटीए का महत्व?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय कंपनियों को यूरोप के विशाल बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय कंपनियों को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश और व्यापार के बेहतर अवसर मिलेंगे। भारतीय आईटी, फार्मा, और कृषि उत्पादों को बड़ा लाभ हो सकता है। यूरोप के ऑटोमोबाइल, लक्जरी गुड्स और मशीनरी सेक्टर के लिए भी भारत में अवसर बढ़ेंगे। इस बैठक के साथ भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही एफटीए वार्ताओं को नई गति मिलने की संभावना है। ताजानी के आगामी भारत दौरे को इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।