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Remember October 7: आज UNGA को संबोधित करेंगे नेतन्याहू, न्यूयॉर्क की सड़कों पर दिखा इस्राइल का विशेष अभियान
Fri, 26 Sep 2025 12:42 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 26 Sep 2025 12:42 PM IST
सार
Israel Campaign On October 7: न्यूयॉर्क में इस्राइल का यह नया अभियान दुनिया का ध्यान हमास की हिंसा और बंधकों की रिहाई पर केंद्रित करने की कोशिश है। वहीं आज संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्राइली पीएम नेतन्याहू के भाषण पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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न्यूयॉर्क में इस्राइल का कैंपेन
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू आज संयुक्त राष्ट्र महासभा 80वें सत्र को संबोधित करेंगे। वहीं इससे पहले इस्राइल की तरफ से न्यूयॉर्क की सड़कों पर एक विशेष अभियान चलाया गया है। बता दें कि इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने न्यूयॉर्क में एक बड़े पब्लिक डिप्लोमेसी कैंपेन की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और टाइम्स स्क्वायर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दर्जनों विशाल होर्डिंग्स और मोबाइल ट्रक लगाए गए हैं। इन पर बड़े अक्षरों में संदेश लिखा है- अक्तूबर 7 को याद रखो।
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इस्राइली पीएमओ ने इसे एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, 'इस अभियान का लक्ष्य दुनिया के नेताओं और आम जनता को हमास की तरफ से किए गए अमानवीय अत्याचारों और बर्बरता की याद दिलाना है। हमास अब भी 48 लोगों को गाजा में बंधक बनाए हुए है।'
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इस्राइली अभियान का मकसद
इस अभियान का मकसद दुनिया को यह याद दिलाना है कि 7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर बेहद खतरनाक हमला किया था, जिसमें लगभग 1200 इस्राइली नागरिकों और अन्य देशों के 200 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई थी। हमास अब भी 48 लोगों को बंधक बनाए हुए है, जिनकी रिहाई की मांग इस्राइल कर रहा है। इस कैंपेन हर होर्डिंग और ट्रक पर अंग्रेजी में 'रिमेंबर अक्तूबर 7' लिखा है और साथ में एक क्यूआर कोड भी है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक वेबसाइट खुलती है, जहां 7 अक्तूबर हमले की पूरी जानकारी, फोटो और वीडियो सबूत मौजूद हैं। यह प्रयास दुनिया भर के नेताओं और आम जनता को हमास की बर्बरता और गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की हालत के बारे में जागरूक करने के लिए किया गया है।
अब्बास का तीखा हमला इस्राइल पर
इस्राइल की ओर से यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब एक दिन पहले फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए भाषण दिया क्योंकि अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, 'इस्राइल जो कर रहा है, वह सिर्फ आक्रामकता नहीं बल्कि एक युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध है। यह सब दस्तावेजों और सबूतों के साथ दर्ज हो रहा है और इतिहास में 20वीं और 21वीं सदी की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।'
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हमास को लेकर अब्बास का रुख
फलस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास ने यह भी साफ किया कि वह हमास के 7 अक्तूबर के हमले का समर्थन नहीं करते। उन्होंने भविष्य की गाजा सरकार में हमास की किसी भी भूमिका को खारिज करते हुए कहा, 'हमास को शासन में कोई भूमिका नहीं मिलेगी। सभी सशस्त्र गुटों को अपने हथियार जमा करने होंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि फलस्तीन एक एकीकृत राज्य बनेगा, जहां केवल एक कानून और एक आधिकारिक सुरक्षा बल होगा। 'हम किसी सशस्त्र राज्य की कल्पना नहीं करते। हमारे जख्म गहरे हैं और हमारी त्रासदी बहुत बड़ी है।'
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इस्राइली पीएमओ ने इसे एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, 'इस अभियान का लक्ष्य दुनिया के नेताओं और आम जनता को हमास की तरफ से किए गए अमानवीय अत्याचारों और बर्बरता की याद दिलाना है। हमास अब भी 48 लोगों को गाजा में बंधक बनाए हुए है।'
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Ahead of Prime Minister Benjamin Netanyahu's address to the UN General Assembly, the Prime Minister's Office and the PM's Spokesperson's unit have initiated a public diplomacy campaign in New York on dozens of huge billboards and trucks around the UN building and in Times Square. pic.twitter.com/tOqx0iFWm8
— Prime Minister of Israel (@IsraeliPM) September 25, 2025
इस्राइली अभियान का मकसद
इस अभियान का मकसद दुनिया को यह याद दिलाना है कि 7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर बेहद खतरनाक हमला किया था, जिसमें लगभग 1200 इस्राइली नागरिकों और अन्य देशों के 200 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई थी। हमास अब भी 48 लोगों को बंधक बनाए हुए है, जिनकी रिहाई की मांग इस्राइल कर रहा है। इस कैंपेन हर होर्डिंग और ट्रक पर अंग्रेजी में 'रिमेंबर अक्तूबर 7' लिखा है और साथ में एक क्यूआर कोड भी है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक वेबसाइट खुलती है, जहां 7 अक्तूबर हमले की पूरी जानकारी, फोटो और वीडियो सबूत मौजूद हैं। यह प्रयास दुनिया भर के नेताओं और आम जनता को हमास की बर्बरता और गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की हालत के बारे में जागरूक करने के लिए किया गया है।
अब्बास का तीखा हमला इस्राइल पर
इस्राइल की ओर से यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब एक दिन पहले फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए भाषण दिया क्योंकि अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, 'इस्राइल जो कर रहा है, वह सिर्फ आक्रामकता नहीं बल्कि एक युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध है। यह सब दस्तावेजों और सबूतों के साथ दर्ज हो रहा है और इतिहास में 20वीं और 21वीं सदी की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।'
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हमास को लेकर अब्बास का रुख
फलस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास ने यह भी साफ किया कि वह हमास के 7 अक्तूबर के हमले का समर्थन नहीं करते। उन्होंने भविष्य की गाजा सरकार में हमास की किसी भी भूमिका को खारिज करते हुए कहा, 'हमास को शासन में कोई भूमिका नहीं मिलेगी। सभी सशस्त्र गुटों को अपने हथियार जमा करने होंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि फलस्तीन एक एकीकृत राज्य बनेगा, जहां केवल एक कानून और एक आधिकारिक सुरक्षा बल होगा। 'हम किसी सशस्त्र राज्य की कल्पना नहीं करते। हमारे जख्म गहरे हैं और हमारी त्रासदी बहुत बड़ी है।'