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Birthright Citizenship: ट्रंप बोले- जन्मसिद्ध नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट गलत था, लेकिन यह मामला सुलझ जाएगा

Thu, 02 Jul 2026 04:35 AM IST
Pavan एएनआई, नॉर्थ डकोटा
एएनआई, नॉर्थ डकोटा Published by: Pavan Updated Thu, 02 Jul 2026 04:35 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जन्मसिद्ध नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत था, लेकिन इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा। उन्होंने राष्ट्रपति के अधिकार बढ़ाने वाले हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले और मेरिट आधारित व्यवस्था की भी सराहना करते हुए कहा कि अब अमेरिका में अवसर योग्यता के आधार पर मिलेंगे, न कि नस्ल या पहचान के आधार पर।

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"I know they got it wrong, but that's okay": Trump on birthright citizenship ruling
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर एक बार फिर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अदालत ने इस मामले में गलत फैसला दिया, लेकिन उन्हें भरोसा है कि भविष्य में यह मुद्दा सुलझ जाएगा। ट्रंप ने यह बयान नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में दिया। ट्रंप ने कहा कि जन्मसिद्ध नागरिकता का प्रावधान मूल रूप से गृहयुद्ध के बाद गुलामों के बच्चों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया था। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य दूसरे देशों के संपन्न लोगों के बच्चों को स्वत: अमेरिकी नागरिकता देना नहीं था। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता, बल्कि मैं जानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में गलत था, लेकिन कोई बात नहीं, हम इसका समाधान कर लेंगे।"
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राष्ट्रपति के अधिकार बढ़ाने वाले फैसले की सराहना
ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें राष्ट्रपति को कार्यपालिका की एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने के अधिक अधिकार मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने लगभग 90 साल पुराने कानूनी ढांचे को बदलते हुए राष्ट्रपति पद की शक्तियां बहाल की हैं। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया और यह राष्ट्रपति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, ऐसे समय में जब राष्ट्रपति को अधिक अधिकारों की जरूरत है, यह फैसला बहुत अहम साबित होगा।
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मेरिट आधारित व्यवस्था की तारीफ
ट्रंप ने शिक्षा में मेरिट आधारित व्यवस्था की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका में दाखिले और अवसर योग्यता के आधार पर मिलेंगे, न कि किसी व्यक्ति की नस्ल या पहचान के आधार पर। उन्होंने कहा कि पहले कई बार कम अंक पाने वाले छात्रों को उनकी पहचान के आधार पर प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिल जाता था, जबकि अधिक अंक लाने वाले छात्र पीछे रह जाते थे। ट्रंप ने कहा कि अब यह व्यवस्था खत्म हो रही है और देश फिर से योग्यता आधारित प्रणाली की ओर लौट रहा है।

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फिर मीडिया पर बिफरे अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई बड़े फैसलों को पर्याप्त कवरेज नहीं मिली। उनके मुताबिक, अमेरिका की ताकत हमेशा योग्यता और प्रतिभा पर आधारित रही है और हाल के फैसले उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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