Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता का आया भूकंप, फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
Earthquake In Afghanistan: पड़ोसी देश अफगानिस्तान में बुधवार देर रात 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 173 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। अफगानिस्तान हिंदूकुश क्षेत्र में स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप की चपेट में आता है।
विस्तार
EQ of M: 5.5, On: 01/07/2026 23:27:00 IST, Lat: 36.443 N, Long: 70.391 E, Depth: 173 Km, Location: Afghanistan.
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @DrNKalaiselvi @GSuresh_NCS @ndmaindia pic.twitter.com/gJq2DB9ZAz— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) July 1, 2026विज्ञापन
यह भी पढ़ें- मुश्किल वक्त में रूस को याद आया पुराना दोस्त: भारत से कर रहा पेट्रोल की खरीद, यूक्रेन ने कैसे किया नुकसान?
अफगानिस्तान में अक्सर क्यों आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश का हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यह इलाका भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों, खासकर हेरात क्षेत्र से एक प्रमुख भू-गर्भीय फॉल्ट लाइन भी गुजरती है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील देश है। लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और सीमित विकास के कारण यहां के लोगों के लिए बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से उबरना काफी मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें- क्या क्रिप्टो कारोबार से ट्रंप ने की रिकॉर्ड कमाई?: छह अरब डॉलर पहुंची संपत्ति, निवेशकों को भारी नुकसान
वेनेजुएला भूकंप में 2200 मौतें, राहत-बचाव अभियान जारी
उधर, पिछले सप्ताह आए भीषण भूकंप के बाद वेनेजुएला में राहत और बचाव अभियान जारी है। वहां आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 2200 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। राहत एजेंसियां मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन ईंधन की कमी जैसी समस्याएं बचाव कार्यों में बाधा बन रही हैं।