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South Africa: विदेशों में भी हनुमान चालीसा की गूंज, दक्षिण अफ्रीका में 10 लाख प्रतियां बांट रहा हिंदू संगठन
Tue, 03 Sep 2024 04:03 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहानिसबर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहानिसबर्ग
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Tue, 03 Sep 2024 04:03 AM IST
सार
दक्षिण अफ्रीका में भी अब हनुमान चालीसा की गूंज सुनाई देगी। हिंदू संगठन 10 लाख प्रतियां बांट रहा है। संगठन ने अगले पांच सालों तक दक्षिण अफ्रीका में हनुमान चालीसा की मुफ्त प्रतियां बांटने का लक्ष्य बनाया है।
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हनुमान जी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब विदेशों में भी हनुमान चालीसा की गूंज सुनने को मिलेगी। दक्षिण अफ्रीका में एक प्रमुख हिंदू संगठन ने हनुमान चालीसा की 10 लाख प्रतियां मुफ्त बांट रहा है।
संगठन का लक्ष्य अगले पांच वर्ष में छोटे आकार की प्रतियां लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। हनुमान चालीसा की यह प्रति जेब या पर्स में भी रखी जा सकती है। इसे दुनियाभर में सबसे छोटी प्रति माना जा रहा है। बीते शनिवार को विष्णु मंदिर में ‘दान उत्सव' के दौरान इसके वितरण की शुरुआत हुई।
‘एसए हिंदूज’ नामक संगठन की संस्थापक पंडित लूसी सिगाबन ने कहा, हमने आध्यात्मिक विकास, सामुदायिक सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण का उत्सव मनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका के एक दर्जन से अधिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान हनुमान चालीसा की प्रति के प्रकाशक शेरेनो प्रिंटर्स के मालिक निरन सिंह को सम्मानित भी किया गया।
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लगातार 12 घंटे भजन, छह धुनों पर हनुमान चालीसा
कुछ साल पहले जोहानिसबर्ग में करीब 35 भजन मंडलियों ने मिलकर लगातार 12 घंटे तक भजन गाया था। इसमें भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी गायिका वंदना नारन ने छह धुनों पर हनुमान चालीसा गाई। ये धुनें अलग-अलग उम्र के लोगों के अनुसार बनाई गई थीं। जैसे बुजुर्गों के लिए पारंपरिक धुन तो युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक।
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संगठन का लक्ष्य अगले पांच वर्ष में छोटे आकार की प्रतियां लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। हनुमान चालीसा की यह प्रति जेब या पर्स में भी रखी जा सकती है। इसे दुनियाभर में सबसे छोटी प्रति माना जा रहा है। बीते शनिवार को विष्णु मंदिर में ‘दान उत्सव' के दौरान इसके वितरण की शुरुआत हुई।
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‘एसए हिंदूज’ नामक संगठन की संस्थापक पंडित लूसी सिगाबन ने कहा, हमने आध्यात्मिक विकास, सामुदायिक सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण का उत्सव मनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका के एक दर्जन से अधिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान हनुमान चालीसा की प्रति के प्रकाशक शेरेनो प्रिंटर्स के मालिक निरन सिंह को सम्मानित भी किया गया।
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लगातार 12 घंटे भजन, छह धुनों पर हनुमान चालीसा
कुछ साल पहले जोहानिसबर्ग में करीब 35 भजन मंडलियों ने मिलकर लगातार 12 घंटे तक भजन गाया था। इसमें भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी गायिका वंदना नारन ने छह धुनों पर हनुमान चालीसा गाई। ये धुनें अलग-अलग उम्र के लोगों के अनुसार बनाई गई थीं। जैसे बुजुर्गों के लिए पारंपरिक धुन तो युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक।