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आक्रामक तेवर और बढ़ती बेचैनी: ट्रंप का सैन्य बजट बढ़ाने का प्रस्ताव, क्या कुछ बड़ा करने की तैयारी में अमेरिका?

Thu, 08 Jan 2026 04:43 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 08 Jan 2026 04:43 AM IST
सार

इन दिनों ट्रंप का आक्रामक रवैया वैश्विक चिंता बढ़ा रहा है। वेनेजुएला में कार्रवाई, ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात और अब  2027 के लिए अमेरिकी सैन्य बजट को बढ़ाने का प्रस्ताव, कई सारे वैश्चिक चिंताओं को जन्म दे रहा है। आशंका इस बात की तेज हो रही है कि क्या ट्रंप किसी बड़ी तैयारी में हैं?

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Donald Trump proposes increase in 2027 defence spending to USD 1.5 trillion citing dangerous times
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इन दिनों कई देशों को लेकर आक्रमक रवैया बड़े और घातक संकेत देता नजर आ रहा है। चाहे वो वेनेजुएला पर कार्रवाई और वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हो, चाहे ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात या फिर दुनियाभर के कई देशों पर अत्यधिक टैरिफ लगाना हो, उनकी इन रणनीतियों और योजनाओं ने वैश्विक राजनीति में जबरदस्त तहलका मचा दिया है। ऐसे में अब ट्रंप का अमेरिकी सैन्य बजट को बढ़ाने का प्रस्वात भी कई सारी वैश्विक चिंताओं को जन्म दे रहा है। सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या ट्रंप कुछ बड़ा करने की योजना बना रहे हैं?

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अमेरिकी सैन्य बजट बढ़ाने के प्रस्वात की बात करें तो ट्रंप ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि साल 2027 के लिए अमेरिका का सैन्य बजट लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹120 लाख करोड़ से ऊपर) होना चाहिए। उन्होंने इस प्रस्ताव के पीछे खराब दौरा का हवाला दिया। ट्रंप ने कहा कि यह समय मुश्किल और खतरनाक है। इसलिए देश को मजबूत सेना की जरूरत है। बता दें कि इससे पहले  2026 का अमेरिकी सैन्य बजट बजट करीब 901 अरब डॉलर है, जो कि इस प्रस्ताव के मुकाबले बहुत कम है।

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बजट बढ़ाने से बनेगी सपनों की सेना- ट्रंप

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर यह प्रस्ताव रखा। पोस्ट में उन्होंने बताया कि वे इस बड़ी रकम के साथ कैसी सेना का निर्माण करना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य बजट बढ़ाने के बाद अमेरिका एक ऐसी सेना बना सकता है, जिसे वह 'ड्रीम मिलिट्री' कहते हैं, एक ताकतवर सेना जो हर दुश्मन के खिलाफ देश को सुरक्षित रख सके। इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें मिलिट्री पर खर्च बढ़ाने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि उन्होंने अमेरिका की कमान संभालते ही दुनिया भर में दोस्तों और दुश्मनों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिका का रेवेन्यू बढ़ाया है।

ट्रंप का प्रस्ताव चिंता का विषय कैसे? समझिए
गौरतलब है कि ट्रंप का यह प्रस्ताव चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने कुछ दिनों पहले वेनेजुएला के नेता निकोलस मदुरो को पकड़ने के लिए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का आदेश दिया था और अमेरिकी बल अभी भी कैरिबियन सागर में तैनात हैं। दूसरी ओर ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार ग्रीनलैंड पर कब्जा की बात कही। साथ ही कोलंबिया और क्यूबा को बड़ी चेतावनी भी दी।उन्होंने कहा कि डेनमार्क के ग्रीनलैंड इलाके को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के लिए लेना चाहिए और उन्होंने सैन्य विकल्पों पर भी बात की है। इसके अलावा ट्रंप ने संकेत दिया है कि कोलंबिया में भी सैनिक कार्रवाई हो सकती है।


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हथियार बनाने वाली कंपनियों को भी सख्त चेतावनी
इसके साथ ही ट्रंप ने देश की बड़ी डिफेंस कंपनी रेथियॉन को भी कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर कंपनी ने अपने ही शेयर खरीदने की प्रक्रिया बंद नहीं की और अपने मुनाफे का ज्यादा हिस्सा हथियार बनाने की क्षमता बढ़ाने में निवेश नहीं किया, तो अमेरिका का रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन उससे खरीदारी बंद कर देगा।

ट्रंप का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से डिफेंस कंपनियां जरूरी हथियारों की सप्लाई समय पर नहीं कर पा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे निवेशकों को मोटा मुनाफा दे रही हैं और अपने शीर्ष अधिकारियों को भारी-भरकम सैलरी दे रही हैं। इसे उन्होंने गलत बताया। सोशल मीडिया पर ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि या तो रेथियॉन को फैक्ट्रियों, मशीनों और अन्य संसाधनों में ज्यादा निवेश करना होगा, या फिर वह अमेरिकी सरकार के साथ कारोबार नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक कंपनी अपनी स्थिति नहीं सुधारती, तब तक उसे किसी भी हालत में आगे स्टॉक बायबैक की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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