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यमन में सरकार-हूती संघर्ष फिर भड़का: पश्चिमी मोर्चे पर 90 की मौत, क्या है इसकी बड़ी वजह?
Fri, 04 Sep 2026 09:15 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, एडेन।
आईएएनएस, एडेन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2026 09:15 PM IST
सार
यमन के पश्चिमी मोर्चों पर सरकार और हूतियों के बीच भीषण लड़ाई में कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है। इसमें 40 सरकारी सैनिक और 50 हूती लड़ाके शामिल हैं। होदेइदाह और ताइज में संघर्ष सबसे ज्यादा तेज रहा। ताजा लड़ाई ने यमन में बड़े पैमाने पर फिर से युद्ध शुरू होने की चिंता बढ़ा दी है।
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यमन में जंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
यमन के पश्चिमी मोर्चों पर सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। गुरुवार से शुक्रवार तक हुई झड़पों में कम से कम 90 लोग मारे गए। इनमें 40 सरकारी सैनिक और 50 हूती लड़ाके शामिल हैं।
होदेइदाह प्रांत के लाल सागर तटीय मोर्चे पर शुक्रवार तड़के हूतियों ने बड़ा हमला शुरू किया। इसमें 14 सरकारी सैनिक मारे गए। पड़ोसी ताइज प्रांत में गुरुवार से शुरू हुई लड़ाई शुक्रवार तक जारी रही। यहां 26 सरकारी सैनिकों की मौत हुई। इसके अलावा, हूती नियंत्रण वाले इलाकों के चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, होदेइदाह के अस्पतालों में 50 हूती लड़ाकों के शव पहुंचाए गए हैं।
दोनों पक्षों ने अपनी ताकत कैसे बढ़ाई?
शुक्रवार को संघर्ष और तेज हो गया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने होदेइदाह और ताइज के मोर्चों पर अतिरिक्त सैनिक, बख्तरबंद वाहन और सैन्य सामान भेजे।
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क्या यमन में फिर बड़े पैमाने पर युद्ध का खतरा है?
ताजा संघर्ष ने यमन में बड़े पैमाने पर दोबारा लड़ाई शुरू होने की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई मोर्चों पर लंबे समय से अपेक्षाकृत शांति थी, लेकिन हाल के हफ्तों में सरकारी बलों और हूतियों के बीच तनाव बढ़ा है।
लाल सागर के द्वीपों के पास क्या हुआ था?
सोमवार को यमनी सरकारी बलों ने कहा था कि उन्होंने विस्फोटकों से लदी हूतियों की चार नौकाओं को रोका। ये नौकाएं लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों के पास सरकार के कब्जे वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं। सरकारी सेना के मुताबिक, नौकाएं रणनीतिक हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं। सरकारी नौसैनिक बलों ने इन नौकाओं को बीच रास्ते में रोक दिया। सरकारी सूत्र के अनुसार, ये द्वीप दक्षिणी लाल सागर के अहम अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों पर नजर रखते हैं।
हाल के दिनों में हूतियों और सरकार के बीच क्या बदला?
सरकारी बलों और हूतियों के बीच कई मोर्चों पर हाल के हफ्तों में लड़ाई बढ़ी है। ड्रोन और तोपों से हमलों के साथ हूतियों की मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां भी सामने आई हैं। ताजा घटनाक्रम ने लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत रहे मोर्चों पर फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। रविवार और सोमवार को सरकारी बलों ने हूती नौकाओं की अलग-अलग गतिविधियां की थीं। इन नौकाओं के हनिश और जुकर द्वीपों की ओर बढ़ने की कोशिश की गई थी। पश्चिमी तट और मारिब में दोनों पक्षों के हमलों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है।
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होदेइदाह प्रांत के लाल सागर तटीय मोर्चे पर शुक्रवार तड़के हूतियों ने बड़ा हमला शुरू किया। इसमें 14 सरकारी सैनिक मारे गए। पड़ोसी ताइज प्रांत में गुरुवार से शुरू हुई लड़ाई शुक्रवार तक जारी रही। यहां 26 सरकारी सैनिकों की मौत हुई। इसके अलावा, हूती नियंत्रण वाले इलाकों के चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, होदेइदाह के अस्पतालों में 50 हूती लड़ाकों के शव पहुंचाए गए हैं।
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दोनों पक्षों ने अपनी ताकत कैसे बढ़ाई?
शुक्रवार को संघर्ष और तेज हो गया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने होदेइदाह और ताइज के मोर्चों पर अतिरिक्त सैनिक, बख्तरबंद वाहन और सैन्य सामान भेजे।
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- पश्चिमी यमन में हाल के वर्षों में यह सबसे भीषण जमीनी लड़ाइयों में से एक है।
- दोनों मोर्चों पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती से लड़ाई के और बढ़ने की आशंका बनी है।
- संघर्ष में बख्तरबंद वाहनों और दूसरे सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया।
क्या यमन में फिर बड़े पैमाने पर युद्ध का खतरा है?
ताजा संघर्ष ने यमन में बड़े पैमाने पर दोबारा लड़ाई शुरू होने की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई मोर्चों पर लंबे समय से अपेक्षाकृत शांति थी, लेकिन हाल के हफ्तों में सरकारी बलों और हूतियों के बीच तनाव बढ़ा है।
- सरकारी बलों ने हूती ठिकानों के खिलाफ ड्रोन और तोपों से हमले तेज किए हैं।
- इसके जवाब में हूतियों ने मारिब और पश्चिमी लाल सागर तट पर सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों को निशाना बनाया।
- हालिया घटनाक्रम को पश्चिमी यमन में संघर्ष के बड़े रूप लेने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
लाल सागर के द्वीपों के पास क्या हुआ था?
सोमवार को यमनी सरकारी बलों ने कहा था कि उन्होंने विस्फोटकों से लदी हूतियों की चार नौकाओं को रोका। ये नौकाएं लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों के पास सरकार के कब्जे वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं। सरकारी सेना के मुताबिक, नौकाएं रणनीतिक हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं। सरकारी नौसैनिक बलों ने इन नौकाओं को बीच रास्ते में रोक दिया। सरकारी सूत्र के अनुसार, ये द्वीप दक्षिणी लाल सागर के अहम अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों पर नजर रखते हैं।
हाल के दिनों में हूतियों और सरकार के बीच क्या बदला?
सरकारी बलों और हूतियों के बीच कई मोर्चों पर हाल के हफ्तों में लड़ाई बढ़ी है। ड्रोन और तोपों से हमलों के साथ हूतियों की मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां भी सामने आई हैं। ताजा घटनाक्रम ने लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत रहे मोर्चों पर फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। रविवार और सोमवार को सरकारी बलों ने हूती नौकाओं की अलग-अलग गतिविधियां की थीं। इन नौकाओं के हनिश और जुकर द्वीपों की ओर बढ़ने की कोशिश की गई थी। पश्चिमी तट और मारिब में दोनों पक्षों के हमलों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है।