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EU Summit: 'यूरोप के खिलाफ हाइब्रिड युद्ध छेड़ रहा रूस, खुद को करना होगा सशक्त'; ईयू को डेनमार्क की चेतावनी

Wed, 01 Oct 2025 09:04 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोपेनहेगन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोपेनहेगन Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 01 Oct 2025 09:04 PM IST
सार

EU Summit: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं की बैठक के दौरान चेताया कि यूरोप पर रूस की तरफ से हाइब्रिड युद्ध चलाया जा रहा है और यूरोप को खुद को सशक्त करना होगा। उन्होंने कहा, 'आज हम हर जगह हाइब्रिड युद्ध देख रहे हैं।'

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Denmark warns that Russia waging hybrid war on Europe, as EU leaders gather for security talks
रूस और डेनमार्क की झंडे (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने बुधवार को चेताया कि यूरोप पर रूस की तरफ से हाइब्रिड युद्ध चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप को इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए खुद को मजबूत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया, 'एक दिन पोलैंड, अगले दिन डेनमार्क, और उसके बाद कहीं और ड्रोन या तोड़फोड़ देखने को मिल सकती है। हमें पूरी तैयारी करनी होगी।'
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डेनमार्क में बढ़ती ड्रोन घटनाएं और सुरक्षा तैयारी
पिछले सप्ताह डेनमार्क के हवाई अड्डों और सैन्य अड्डों पर अज्ञात ड्रोन ने हलचल मचाई थी। कोपेनहेगन हवाई अड्डे को एक सप्ताह के लिए बंद करना पड़ा और विशेष रडार सिस्टम लगाया गया। फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन और यूके ने अपने विमान, जहाज और वायु रक्षा प्रणाली भेजकर सुरक्षा में सहयोग किया। यूक्रेन की सेना ने भी विशेष टीम भेजी, जो ड्रोन हमलों से निपटने के अनुभव और तकनीक साझा कर रही है।
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फ्रेडरिक्सन का संदेश- यूरोप को फिर से सशस्त्र होना होगा
डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिक्सन ने कहा कि रूस ही एकमात्र देश है जो यूरोप को सीधे धमकी दे रहा है। उन्होंने जोर दिया, 'हमें फिर से सशस्त्र होना चाहिए, अधिक सैन्य क्षमता खरीदनी चाहिए और ड्रोन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार करना चाहिए। आज यूरोप द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक स्थिति में है।'


बैठक का मुख्य एजेंडा- रूस और यूक्रेन
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूरोप को रूस की संभावित धमकियों से सुरक्षित बनाना और यूक्रेन को सहयोग देना है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ईयू नेताओं को संबोधित करेंगे। इस बैठक में चर्चा के प्रमुख मुद्दे- रूस की हाइब्रिड और सैन्य धमकियों से निपटना, जब्त किए गए रूसी संपत्तियों का इस्तेमाल यूक्रेन की मदद में करना, यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहयोग प्रदान करना और यूरोप की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस अगले तीन से पांच वर्षों में यूरोप के अन्य हिस्सों में भी हमला कर सकता है। हाल ही में रूस के ड्रोन की तरफ से पोलैंड की हवाई सीमा भंग करने के बाद नाटो के विमानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

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सुरक्षा और राजनीतिक सहयोग की चर्चा
बुधवार शाम को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर और लगभग 40 यूरोपीय नेता अनौपचारिक रात्रिभोज में शामिल होंगे। गुरुवार को सुरक्षा, मानव तस्करी और प्रवासन जैसे मुद्दों पर औपचारिक चर्चा होगी।
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