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Afghanistan: तालिबान सरकार ने देशव्यापी इंटरनेट सेवाएं बैन होने के दावे का किया खंडन, जानें क्या दी सफाई
Wed, 01 Oct 2025 07:18 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 01 Oct 2025 07:18 PM IST
सार
इंटरनेट निगरानी समूह नेटब्लॉक ने सोमवार को बताया था कि देशभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी धीरे-धीरे कम हो रही है और टेलीफोन सेवाएं भी प्रभावित हैं। वहीं अफगान एयरलाइन कैम एअर ने कहा कि वे बुधवार को काबुल के लिए उड़ानें फिर से शुरू कर सकते हैं। सोमवार से उन्होंने सभी उड़ानें रोक दी थीं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने देशव्यापी इंटरनेट बंद की खबरों को खारिज किया है। तालिबान ने बताया कि पुराने फाइबर ऑप्टिक केबल्स पुरानी हो चुकी हैं और उन्हें बदलने का काम चल रहा है। यह तालिबान का पहला सार्वजनिक बयान है, जो देश में हाल ही में संचार व्यवस्था के ठप होने के बारे में आया है, जिससे बैंकिंग, व्यापार और हवाई यात्रा को प्रभावित किया है। पिछले महीने कई प्रांतों में यह समस्या सामने आई थी। अफगान तालिबान नेता हिबातुल्लाह अखुंदजादा ने 'अनैतिकता' से लड़ने के लिए इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया, ऐसी खबरें आई थीं।
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'इंटरनेट पर रोक से जुड़ी अफवाहें सच नहीं है'
तालिबान अधिकारियों ने कहा, 'जो अफवाहें चल रही हैं कि हमने इंटरनेट पर रोक लगा दी है, वे सच नहीं हैं।' उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यह बयान साझा किया। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद के हवाले से कहा गया कि देशभर में इंटरनेट में रुकावटें सिर्फ पुराने फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के कारण हैं, जिसे अब बदला जा रहा है। बयान में यह नहीं बताया गया कि सेवा कब बहाल होगी।
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इंटरनेट बैन से लोगों की मुश्किलें बढ़ी
नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति, मारुफ नबीजादा, जो 2022 में अपने परिवार के साथ नीदरलैंड में बसे, ने कहा कि इंटरनेट उनके लिए परिवार से जुड़े रहने का एकमात्र जरिया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे हर घंटे अपने रिश्तेदारों को कॉल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पश्चिमी हेरात प्रांत में उनके परिवार वाले ऑफलाइन हैं। मारुफ ने कहा, 'जब आप अपने प्रियजनों से लगातार संपर्क नहीं कर पाते, तो चिंता होती है कि क्या वे ठीक हैं या कुछ हुआ है।' उनकी पत्नी भी रात में रो पड़ी क्योंकि वह अपनी मां और बहन से बात नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि यह ब्लैकआउट हफ्तों या महीनों तक भी रह सकता है।
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मानवीय सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
सहायता संगठन भी इससे प्रभावित हुए हैं। सेव द चिल्ड्रेन ने कहा, 'विश्वसनीय संचार हमारी कार्यक्षमता और जीवन रक्षक सहायता देने के लिए बेहद जरूरी है।' उन्होंने अफगान अधिकारियों से अपील की कि वे इंटरनेट कनेक्शन बहाल करें।
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'इंटरनेट पर रोक से जुड़ी अफवाहें सच नहीं है'
तालिबान अधिकारियों ने कहा, 'जो अफवाहें चल रही हैं कि हमने इंटरनेट पर रोक लगा दी है, वे सच नहीं हैं।' उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यह बयान साझा किया। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद के हवाले से कहा गया कि देशभर में इंटरनेट में रुकावटें सिर्फ पुराने फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के कारण हैं, जिसे अब बदला जा रहा है। बयान में यह नहीं बताया गया कि सेवा कब बहाल होगी।
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इंटरनेट बैन से लोगों की मुश्किलें बढ़ी
नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति, मारुफ नबीजादा, जो 2022 में अपने परिवार के साथ नीदरलैंड में बसे, ने कहा कि इंटरनेट उनके लिए परिवार से जुड़े रहने का एकमात्र जरिया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे हर घंटे अपने रिश्तेदारों को कॉल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पश्चिमी हेरात प्रांत में उनके परिवार वाले ऑफलाइन हैं। मारुफ ने कहा, 'जब आप अपने प्रियजनों से लगातार संपर्क नहीं कर पाते, तो चिंता होती है कि क्या वे ठीक हैं या कुछ हुआ है।' उनकी पत्नी भी रात में रो पड़ी क्योंकि वह अपनी मां और बहन से बात नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि यह ब्लैकआउट हफ्तों या महीनों तक भी रह सकता है।
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मानवीय सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
सहायता संगठन भी इससे प्रभावित हुए हैं। सेव द चिल्ड्रेन ने कहा, 'विश्वसनीय संचार हमारी कार्यक्षमता और जीवन रक्षक सहायता देने के लिए बेहद जरूरी है।' उन्होंने अफगान अधिकारियों से अपील की कि वे इंटरनेट कनेक्शन बहाल करें।