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USA China Row: चिली में बढ़ रहा चीन का दखल, अब अंतरिक्ष वेधशाला को लेकर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने जताई चिंता

Wed, 30 Apr 2025 09:04 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैंटियागो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैंटियागो Published by: बशु जैन Updated Wed, 30 Apr 2025 09:04 AM IST
सार

चीन की राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला और चिली के कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ द नॉर्थ ने एक समझौते के तहत अटाकामा रेगिस्तान में अंतरिक्ष वेधशाला पर काम शुरू किया है। इससे अमेरिका चिंतित है। अमेरिका का कहना है कि वेधशालाओं के जरिये चीन खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता बढ़ा सकता है।

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China's interference is increasing in Chile, tension increases in space observatory, America expressed concern
ट्रंप औऱ जिनपिंग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दक्षिण अमेरिकी देश चिली में चीन के सहयोग बन रही अंतरिक्ष वेधशाला को लेकर अमेरिका की चिंता बढ़ रही है। इसे लेकर चीन ने अमेरिका पर निशाना साधा है। चिली की राजधानी सैंटियागो में चीनी राजदूत निउ किंगबाओ ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर अपने साझेदारों को चुनने के चिली के अधिकार में हस्तक्षेप करने और परियोजना के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।

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चीन की राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला और चिली के कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ द नॉर्थ ने एक समझौते के तहत अटाकामा रेगिस्तान में अंतरिक्ष वेधशाला पर काम शुरू किया है। इसमें बन रहे उच्च-रिजोल्यूशन दूरबीन से पृथ्वी के निकट के क्षुद्रग्रह या धूमकेतु को देखा जा सकेगा। 
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अमेरिका को डर- खुफिया जानकारी बढ़ा रहा चीन
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसी अंतरिक्ष वेधशालाओं के जरिये चीन खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता बढ़ा सकता है। हालांकि चीन इस बात से इनकार करता है कि इस परियोजना का कोई सैन्य उद्देश्य है। चीनी राजदूत निउ ने कहा कि चीन को भूराजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर भू-राजनीतिक तर्कों का हवाला देकर चीनी परियोजनाओं को बदनाम करके तनाव भड़काने का आरोप लगाया।
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उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित वेधशाला उत्तरी चिली में स्थित कई अन्य दूरबीनों के समान ही प्रकृति की है। हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आशा करते हैं कि चिली पक्ष अमेरिकी हस्तक्षेप को समाप्त कर देगा और परियोजना के कार्यान्वयन को यथाशीघ्र मंजूरी दे देगा।

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कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा चीन
अमेरिका में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर वॉशिंगटन में चिंताएं बढ़ गई हैं। चीन लैटिन अमेरिका में बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। साथ ही कृषि, ऊर्जा, खनन और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है। जबकि अमेरिका को हटा रहा है।  चिली में अमेरिकी राजदूत ब्रैंडन जुड ने लैटिन अमेरिका के सबसे समृद्ध और स्थिर देशों में से एक में चीन के बढ़ते प्रभाव के बारे में चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह चिली को यह समझाने की कोशिश करेंगे कि हम बेहतर व्यापार भागीदार हैं।

जुड ने सीनेट की विदेश संबंध समिति को बताया था कि हम हर चीज में बेहतर साझेदार हैं, चाहे वह अंटार्कटिका हो, मत्स्य पालन हो, समुद्री संरक्षण हो - सभी क्षेत्रों में जो चिली के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम चिली के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना जारी रखेंगे और चिली के पास उपलब्ध सभी संसाधनों तक चीन की पहुंच को सीमित करेंगे।

न्यू हैम्पशायर की डेमोक्रेटिक सीनेटर जेने शाहीन ने कहा कि चिली में चीन की योजनाबद्ध दूरबीन तथा पड़ोसी देश अर्जेंटीना में पहले से ही संचालित हो रहे उसके अंतरिक्ष मिशन नियंत्रण स्टेशन को बीजिंग की वैश्विक शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि चीन पूरे लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और पूरी दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिका पीछे हट रहा है। यह हमारे सुरक्षा हित में नहीं है।


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चिली सरकार ने स्थगित की परियोजना
अमेरिका की चिंता बढ़ने पर चिली सरकार ने घोषणा की कि वह परियोजना को स्थगित कर रही है। चिली के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसका दायरा अभी स्पष्ट होना बाकी है। चिली की सरकारी प्रवक्ता एसेन एचेवेरी ने कहा कि अधिकारी देश के उत्तर में स्थित निजी कैथोलिक विश्वविद्यालय और चीनी राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला दोनों के साथ बातचीत कर रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह खगोलीय परियोजना चिली के संस्थागत ढांचे के अंतर्गत आती है।

अमेरिका, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देश चिली के अटाकामा रेगिस्तान में वेधशालाएं संचालित करते हैं। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति अत्यंत शुष्क और उच्च-ऊंचाई स्थिर हवा और पूर्व में बादलों को अवरुद्ध करने वाले एंडीज पर्वत ने इसे खगोल विज्ञान का अहम क्षेत्र बना दिया है। 

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