SYL मुद्दा: सामने आया कैप्टन अमरिंदर के इस्तीफे का असली सच
सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर लोकसभा के इस्तीफा देने वाले कैप्टन अमरिंदर के इस्तीफे का असली सच सामने आ गया है।
कैप्टन का ये एकाएक लिया फैसला नहीं है, बल्कि बीते महीने 23 अक्तूबर को दिल्ली में हुई मीटिंग में ये फैसला लिया जा चुका था।
नई दिल्ली स्थित कैप्टन के आवास पर हुई मीटिंग में पंजाब के तमाम बड़े नेता शामिल हुए थे। मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि अगर एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के खिलाफ आया तो वह संसद सदस्यता के इस्तीफा देंगे। साथ ही पंजाब के सभी कांग्रेस विधायक भी इस्तीफा देंगे।
मीटिंग में कैप्टन ने दिए थे ये तर्क
कैप्टन ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर बादल सरकार पंजाब के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सारी पार्टी अपने पुराने स्टैंड पर एकमत है, अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के पक्ष में न आया तो सभी विधायक इस्तीफा देंगे।
वह खुद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर जनता की अदालत में जाएंगे। मीटिंग में फैसला लिया गया कि सभी विधायक लोगों के हित में एक साथ इस्तीफे सौंपेंगे, क्योंकि अगर एसवाईएल पर फैसला पंजाब के खिलाफ आया तो यहां पानी की गंभीर किल्लत हो जाएगी। विधायक, विधानसभा से इस्तीफा देंगे और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने को सड़कों पर उतरेंगे।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब और इसके लोगों के हितों की रक्षा सड़कों पर उतरने के बजाय कांग्रेस के पास कोई और चारा नहीं बचा है। इसकी जिम्मेदारी सीएम प्रकाश सिंह बादल की होगी, जो राज्य और लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर सके।
कैप्टन समेत सभी विधायकों ने जो कहा, कर दिखाया
कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा
एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों ने भी कैप्टन को अपना इस्तीफा भेजा है। बता दें कि इससे पहले सतलुज-यमुना लिंक पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को झटका देते हुए कहा कि समझौता रद्द करने का अधिकार पंजाब को नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने नहर की जमीन किसानों को देने को गलत करार दिया। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार सत्ता में लौटती है तो कानून फिर से बनेगा।
कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद कैप्टन और विधायकों ने इस्तीफे का कदम उठाया। कैप्टन इसके बाद मीडिया से भी कुछ देर के लिए मुखातिब हुए।