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Allahabad High Court orders Panchayat elections to be held within 3 months; will the government move the Supre
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इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश 3 महीने में हो पंचायत चुनाव, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार?
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:45 AM IST
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य में तीन महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। वहीं, फिलहाल निवर्तमान ग्राम प्रधानों के प्रशासक के रूप में काम करते रहने की बात कही गई है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई थी। इस व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने समय पर पंचायत चुनाव कराने और ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने से जुड़े फैसले को चुनौती दी थी। कुल 11 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराए जाने हैं। इसका मतलब है कि संबंधित अधिकारियों और राज्य निर्वाचन आयोग के सामने चुनाव की प्रक्रिया को समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, चुनाव कार्यक्रम और अन्य जरूरी प्रशासनिक तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। हालांकि, चुनाव की वास्तविक तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी संबंधित प्राधिकरणों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस बीच, निवर्तमान ग्राम प्रधान अगले तीन महीने तक प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। इससे ग्राम पंचायतों में रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य जारी रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, प्रशासक की भूमिका और अधिकारों से संबंधित किसी भी विशेष शर्त को समझने के लिए हाईकोर्ट के लिखित आदेश और सरकार के संबंधित निर्देशों को देखना जरूरी होगा। अदालत के फैसले के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित विभागों के अगले कदम पर नजर रहेगी।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव ग्रामीण राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत स्तर तक चुनावों का असर स्थानीय विकास कार्यों और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ता है। ऐसे में तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का आदेश राज्य के प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण समयसीमा तय करता है। अब यह देखना होगा कि सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और चुनाव कार्यक्रम कब घोषित किया जाता है। फिलहाल, हाईकोर्ट के फैसले के बाद पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश में हलचल तेज होने की संभावना है।
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