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Uttarkashi News: गांव जाने के लिए तय करनी पड़ती साढ़े तीन किमी की दूरी
Sat, 10 Jan 2026 05:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 10 Jan 2026 05:33 PM IST
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कुणिंडा गांव के लोग पीठ पर राशन ढोने के लिए हैं मजबूर
सड़क नहीं होने से किसानों की नकदी फसल नहीं पहुंच पा रही है बाजार तक
बड़कोट। नौगांव ब्लॉक के अंतर्गत कुणिंडा गांव आज तक भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है जिससे ग्रामीण खाद्य सामग्री सहित आवश्यकता की वस्तुओं को पीठ पर लाद कर गांव तक पहुंचाने के लिए विवश हैं। सड़क के अभाव में गांव के किसानों को अपनी नकदी फसलों को बाजार तक पहुंचाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
नौगांव ब्लॉक के कुणिंडा गांव की करीब 150 की आबादी है। गांव जाने के लिए सुनाल्डी से लगभग साढ़े तीन किमी पैदल पहाड़ी रास्ता है। ग्रामीण रणवीर चौहान, चैन सिंह चौहान, उपेन्द्र सिंह राणा, मनवीर राणा, प्रकाश चौहान, जनक राणा का कहना है कि वे लगातार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी शासन-प्रशासन स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हालांकि सुनाल्डी गांव तक सड़क सुविधा है जहां से आगे मात्र साढ़े तीन किमी के लगभग ही सड़क का निर्माण किया जाना है।
सड़क के अभाव से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी सुनाल्डी तक पैदल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उनके गांव को शीघ्र ही सड़क से जोड़ा जाए जिससे ग्रामीणों की पैदल आवाजाही की समस्या का समाधान हो सके और अपनी आवश्यकताओं की वस्तुओं को सड़क के माध्यम से सुगमता के साथ गांव तक पहुंचा सके।
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वहीं मामले में लोनिवि बड़कोट के सहायक अभियंता सीताराम डोभाल का कहना है कि कुणिंडा गांव के लिए सड़क निर्माण को लेकर प्रथम चरण की डीपीआर तैयार कर भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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सड़क नहीं होने से किसानों की नकदी फसल नहीं पहुंच पा रही है बाजार तक
बड़कोट। नौगांव ब्लॉक के अंतर्गत कुणिंडा गांव आज तक भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है जिससे ग्रामीण खाद्य सामग्री सहित आवश्यकता की वस्तुओं को पीठ पर लाद कर गांव तक पहुंचाने के लिए विवश हैं। सड़क के अभाव में गांव के किसानों को अपनी नकदी फसलों को बाजार तक पहुंचाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
नौगांव ब्लॉक के कुणिंडा गांव की करीब 150 की आबादी है। गांव जाने के लिए सुनाल्डी से लगभग साढ़े तीन किमी पैदल पहाड़ी रास्ता है। ग्रामीण रणवीर चौहान, चैन सिंह चौहान, उपेन्द्र सिंह राणा, मनवीर राणा, प्रकाश चौहान, जनक राणा का कहना है कि वे लगातार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी शासन-प्रशासन स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हालांकि सुनाल्डी गांव तक सड़क सुविधा है जहां से आगे मात्र साढ़े तीन किमी के लगभग ही सड़क का निर्माण किया जाना है।
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सड़क के अभाव से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी सुनाल्डी तक पैदल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उनके गांव को शीघ्र ही सड़क से जोड़ा जाए जिससे ग्रामीणों की पैदल आवाजाही की समस्या का समाधान हो सके और अपनी आवश्यकताओं की वस्तुओं को सड़क के माध्यम से सुगमता के साथ गांव तक पहुंचा सके।
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वहीं मामले में लोनिवि बड़कोट के सहायक अभियंता सीताराम डोभाल का कहना है कि कुणिंडा गांव के लिए सड़क निर्माण को लेकर प्रथम चरण की डीपीआर तैयार कर भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।