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देवस्थानम् प्रबंधन विधेयक के विरोध में धरने पर डटे तीर्थ पुरोहित

Thu, 12 Dec 2019 10:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 10:27 PM IST
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Teerth purohit staged in protest against Devasthanam management bill
देवस्थानम् प्रबंधन विधेयक के विरोध में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद तीर्थ पुरोहित धरने पर डटे रहे। उन्होंने विधेयक निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। तीर्थ पुरोहित अब आगामी 18 दिसंबर को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित महारैली को सफल बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। श्री पांच मंदिर समिति गंगोत्री के सचिव दीपक सेमवाल ने बताया कि महारैली में चारों धामों के तीर्थ पुरोहित उत्तरकाशी में एकत्र होंगे। उन्होंने सभी हकहकूकधारियों और यात्रा कारोबारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। छठवें दिन ज्योतिशरण सेमवाल, प्रेमनारायण सेमवाल, अरुण कुमार, बिहारी लाल नौटियाल, हरीश सेमवाल, प्रकाश सेमवाल, राकेश सेमवाल, प्रेमबल्लभ, धर्मानंद सेमवाल, अंबरीश सेमवाल, राजेश सेमवाल, रमेश चंद्र समेत कई तीर्थ पुरोहित धरने में शामिल हुए।
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आक्रोश रैली 20 को
देवप्रयाग। चारधाम देवस्थानम् प्रबंधन विधेयक के विरोध में देवभूमि तीर्थपुरोहित हक-हकूकधारी 20 दिसंबर को श्रीनगर में आक्रोश रैली आयोजित करेंगे। महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि सरकार की इस मंशा का विरोध किया जाएगा। रैली में बदरीनाथ धाम के 55 गांवों के तीर्थपुरोहितों के साथ केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के तीर्थपुरोहित व हक हकूकधारी बड़ी संख्या में प्रतिभाग करेंगे।
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चारधाम देवस्थानम बोर्ड बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण: दिवाकर
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि सरकार का चारधाम देवस्थानम बोर्ड बनाए जाने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। चारधाम और पहाड़ के कुछ अन्य मंदिरों की वजह से ही थोड़े बहुत लोग पहाड़ में बचे हैं अब सरकार इन मंदिरों की व्यवस्था भी अपने हाथ में ले लेगी तो इससे पहाड़ में कुछ नहीं रह जाएगा।
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केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पहाड़ में उद्योग नहीं चढ़ पाए हैं। पहाड़ों में थोड़ी बहुत चहल पहल इन मंदिरों की वजह से है, लेकिन सरकार अब इनकी व्यवस्था भी अपने हाथ में ले रही है। सरकार द्वारा उठाया गया यह आत्मघाती कदम है।
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