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Uttarkashi News: पुल पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा
Thu, 01 Oct 2026 04:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 01 Oct 2026 04:34 PM IST
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एक माह में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
पुरोला। मोरी प्रखंड के कोटगांव–सिदरी–सांकरी मोटर मार्ग पर स्थित पुल के आसपास पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव ने पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर स्थायी सुरक्षा व उपचारात्मक कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि एक माह के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के आसपास लगातार भू-धंसाव होने से जमीन कमजोर हो रही है। समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में पुल की एप्रोच और सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मार्ग कोटगांव, सिदरी, सांकरी समेत आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग से पर्यटकों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में मार्ग की अस्थिर स्थिति से ग्रामीणों के साथ पर्यटन और बागवानी गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रधान संगठन मोरी के अध्यक्ष कैलाश डिमरी और दीपक डिमरी ने कहा कि पुल के आसपास लगातार हो रहे भूस्खलन को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और स्थायी सुरक्षा कार्य तत्काल शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संभावित दुर्घटना से पहले प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
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इधर, पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप रावत ने बताया कि पुल के आसपास भूस्खलन और एप्रोच की सुरक्षा के लिए करीब 28 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही सुरक्षा एवं उपचारात्मक कार्य प्राथमिकता से शुरू कराए जाएंगे।
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पुरोला। मोरी प्रखंड के कोटगांव–सिदरी–सांकरी मोटर मार्ग पर स्थित पुल के आसपास पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव ने पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर स्थायी सुरक्षा व उपचारात्मक कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि एक माह के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के आसपास लगातार भू-धंसाव होने से जमीन कमजोर हो रही है। समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में पुल की एप्रोच और सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मार्ग कोटगांव, सिदरी, सांकरी समेत आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग से पर्यटकों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में मार्ग की अस्थिर स्थिति से ग्रामीणों के साथ पर्यटन और बागवानी गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
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प्रधान संगठन मोरी के अध्यक्ष कैलाश डिमरी और दीपक डिमरी ने कहा कि पुल के आसपास लगातार हो रहे भूस्खलन को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और स्थायी सुरक्षा कार्य तत्काल शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संभावित दुर्घटना से पहले प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
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इधर, पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप रावत ने बताया कि पुल के आसपास भूस्खलन और एप्रोच की सुरक्षा के लिए करीब 28 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही सुरक्षा एवं उपचारात्मक कार्य प्राथमिकता से शुरू कराए जाएंगे।