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भोजन माताओं ने की मानदेय बढ़ाने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 18 Jan 2016 09:10 PM IST
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भोजन माताओं ने सीएम की घोषणा के बाद भी मानदेय नहीं बढ़ने पर रोष जताया। उन्होंने सरकार से शीघ्र मानदेय बढ़ाने तथा कम छात्र संख्या के आधार पर भोजन माताओं को नहीं हटाने की मांग की।
काली कमली धर्मशाला में राधिका भट्ट की अध्यक्षता में भोजन माता संगठन की बैठक हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि सीएम हरीश रावत ने भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की घोषणा की थी, इसके बावजूद अभी तक मानदेय नहीं बढ़ा है।
महज 1500 रुपये मासिक मानदेय पर परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के आधार पर भोजन माताओं का हटाया जा रहा है।
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उन्होंने सरकार से शीघ्र मानदेय बढ़ाने तथा भोजन माताओं को नहीं हटाने की मांग की। इस मौके पर एटक के जिला महामंत्री महावीर प्रसाद भट्ट ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के हित साध रहीं है।
गरीब मजदूर एवं किसानों की समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
इस मौके पर बीना चौहान, विरेंद्री चौहान, सुमित्रा रमोला, कौशल्या कैंतुरा, अतरा देवी, बचना देवी, पूर्णा रावत आदि मौजूद रहीं।
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काली कमली धर्मशाला में राधिका भट्ट की अध्यक्षता में भोजन माता संगठन की बैठक हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि सीएम हरीश रावत ने भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की घोषणा की थी, इसके बावजूद अभी तक मानदेय नहीं बढ़ा है।
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महज 1500 रुपये मासिक मानदेय पर परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के आधार पर भोजन माताओं का हटाया जा रहा है।
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उन्होंने सरकार से शीघ्र मानदेय बढ़ाने तथा भोजन माताओं को नहीं हटाने की मांग की। इस मौके पर एटक के जिला महामंत्री महावीर प्रसाद भट्ट ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के हित साध रहीं है।
गरीब मजदूर एवं किसानों की समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
इस मौके पर बीना चौहान, विरेंद्री चौहान, सुमित्रा रमोला, कौशल्या कैंतुरा, अतरा देवी, बचना देवी, पूर्णा रावत आदि मौजूद रहीं।