{"_id":"6a8d8f04f3f811c6ff050e61","slug":"online-system-becomes-a-hurdle-to-employment-in-mori-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-121856-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: मोरी में ऑनलाइन व्यवस्था बनी रोजगार की राह में रोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: मोरी में ऑनलाइन व्यवस्था बनी रोजगार की राह में रोड़ा
Tue, 25 Aug 2026 06:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 25 Aug 2026 06:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरोला। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले मोरी विकासखंड में ऑनलाइन व्यवस्था अब ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के आड़े आ रही है। नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के चलते जरूरतमंद श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रधान संगठन मोरी ने मनरेगा की तर्ज पर ऑफलाइन कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
संगठन के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान गुराड़ी कैलाश प्रसाद डिमरी ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वीबीजीरामजी योजना में स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य स्वीकृत करने की मांग की। प्रधान संगठन के अनुसार इन कार्यों की मोरी के गांवों में लंबे समय से जरूरत है और इन्हें रोजगारपरक तरीके से संचालित किया जा सकता है। कैलाश ने कहा कि मोरी जैसे दुर्गम क्षेत्र में मैदानी क्षेत्रों के अनुरूप ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। संवाद
विज्ञापन
संगठन के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान गुराड़ी कैलाश प्रसाद डिमरी ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वीबीजीरामजी योजना में स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य स्वीकृत करने की मांग की। प्रधान संगठन के अनुसार इन कार्यों की मोरी के गांवों में लंबे समय से जरूरत है और इन्हें रोजगारपरक तरीके से संचालित किया जा सकता है। कैलाश ने कहा कि मोरी जैसे दुर्गम क्षेत्र में मैदानी क्षेत्रों के अनुरूप ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। संवाद
विज्ञापन