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गोशाला में आग लगने से आठ मवेशी जिंदा जले
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गोशाला में आग लगने से आठ मवेशी जिंदा जले
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नौगांव (उत्तरकाशी)। कफनौल गांव के बड़का नामे तोक में शनिवार देर रात एक गोशाला में आग लगने से आठ मवेशी जिंदा जल गए। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अग्निकांड में हुए नुकसान का जायजा लिया।
प्रखंड के कपनौल गांव निवासी उपेंद्र सिंह कफोला की दो मंजिला गोशाला गांव से करीब दो किमी दूर बड़का नामे तोक में है। रोज की भांति शनिवार को भी वह मवेशियों को चारा पानी देकर गोशाला में बांध कर गांव लौट आया था। देर रात करीब साढ़े बारह बजे अचानक गोशाला में आग लग गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस अग्निकांड में गोशाला में बंधे एक जोड़ी बैल, एक भैंस, एक गाय, दो बछड़े, एक घोड़ा और एक बकरी जिंदा जल गए। साथ ही गोशाला में रखा सारा सामान भी स्वाह हो गया। मवेशियों के जलने से उपेंद्र सिंह के परिवार की पशुपालन पर टिकी आजीविका खत्म हो गई है।
अग्निकांड की सूचना मिलने पर रविवार को नायब तहसीलदार जगेंद्र चौहान ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। राजस्व उपनिरीक्षक खजान सिंह असवाल ने बताया कि गोशाला में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अग्निकांड में गोशाला में बंधे आठ मवेशियों के साथ ही सारा सामान राख हो गया है। क्षति की रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।
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राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नौगांव (उत्तरकाशी)। कफनौल गांव के बड़का नामे तोक में शनिवार देर रात एक गोशाला में आग लगने से आठ मवेशी जिंदा जल गए। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अग्निकांड में हुए नुकसान का जायजा लिया।
प्रखंड के कपनौल गांव निवासी उपेंद्र सिंह कफोला की दो मंजिला गोशाला गांव से करीब दो किमी दूर बड़का नामे तोक में है। रोज की भांति शनिवार को भी वह मवेशियों को चारा पानी देकर गोशाला में बांध कर गांव लौट आया था। देर रात करीब साढ़े बारह बजे अचानक गोशाला में आग लग गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस अग्निकांड में गोशाला में बंधे एक जोड़ी बैल, एक भैंस, एक गाय, दो बछड़े, एक घोड़ा और एक बकरी जिंदा जल गए। साथ ही गोशाला में रखा सारा सामान भी स्वाह हो गया। मवेशियों के जलने से उपेंद्र सिंह के परिवार की पशुपालन पर टिकी आजीविका खत्म हो गई है।
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अग्निकांड की सूचना मिलने पर रविवार को नायब तहसीलदार जगेंद्र चौहान ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। राजस्व उपनिरीक्षक खजान सिंह असवाल ने बताया कि गोशाला में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अग्निकांड में गोशाला में बंधे आठ मवेशियों के साथ ही सारा सामान राख हो गया है। क्षति की रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।
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